जयपुर

Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों का काउंटडाउन शुरू, लगने वाली है आचार संहिता

Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायत राज चुनाव 2026 की तारीखों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज चुनाव-2026 को लेकर शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है।
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Oct 02, 2026
Rajasthan Panchayat Election
राजस्थान पंचायत चुनाव। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान में पंचायत राज चुनाव 2026 की तारीखों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज चुनाव-2026 को लेकर शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस दोपहर 3 बजे जयपुर स्थित शासन सचिवालय के विकास खंड में पंचायती राज सभागार में होगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंचायत चुनाव से जुड़ी अहम घोषणाएं होने की संभावना है। माना जा रहा है कि आयोग चुनाव कार्यक्रम, मतदान के चरणों और अन्य तैयारियों को लेकर जानकारी दे सकता है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव को लेकर शनिवार से आचार संहिता लग सकती है।
राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान होने पर लंबे समय से चल आ रहा इंतजार भी खत्म हो जाएगा।

लग सकती है आचार संहिता

पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है। हालांकि, आचार संहिता लागू होने और चुनाव कार्यक्रम को लेकर स्थिति आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। अब सभी की निगाहें शनिवार को होने वाली राज्य चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई हैं।

चार चरणों में हो सकते है चुनाव

बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। प्रदेश में पंचायत चुनाव 4 चरणों में होने की संभावना है। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा, वहीं ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों और सरपंचों का चुनाव मतपत्रों के जरिए होगा।

प्रदेश में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद के कुल 1 लाख 40 हजार 237 वार्ड सदस्यों और 14 हजार 403 सरपंचों का चुनाव होना है। इनमें से जिला परिषद के 1403 वार्ड सदस्य 41 जिला प्रमुखों का चुनाव करेंगे, वहीं पंचायत समितियों के 8245 वार्ड सदस्य 457 प्रधानों का चुनाव करेंगे। पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है, जिसके चलते पंचायती राज संस्थाओं में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक है।