
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में भाजपा और कांग्रेस के सामने ग्रामीण सत्ता में अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने की चुनौती है। 17 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गए हैं। इन जिलों के तहत आने वाले 65 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के 30 और कांग्रेस के 27 विधायक हैं। यानी विधानसभा चुनाव के लिहाज से दोनों दलों की ताकत लगभग बराबर है। ऐसे में पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों का चयन, स्थानीय जातीय समीकरण, नेताओं के बीच तालमेल और भितरघात रोकने की रणनीति अहम है। भाजपा की निगाह मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर के अलावा आदिवासी अंचल और नए जिलों पर रहेगी, वहीं कांग्रेस के सामने अंता उपचुनाव की जीत का असर बनाए रखने और आदिवासी क्षेत्रों में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के बढ़ते प्रभाव के बीच अपना पारंपरिक वोटबैंक बचाने की चुनौती है।
30 भाजपा
27 कांग्रेस
04 निर्दलीय
02 बसपा
01 बीएपी
01 रालोद
मुख्यमंत्री का गृह जिला भरतपुर: यहां के नतीजों पर प्रदेशभर की नजर रहेगी।
बारां: अंता विस उपचुनाव में हार के बाद भाजपा के सामने पंचायत चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती है।
आदिवासी अंचल: बीएपी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भाजपा की निगाह आदिवासी क्षेत्रों पर है।
नए जिले: ब्यावर, डीडवाना-कुचामन और डीग में संगठनात्मक मजबूती दिखाने का पार्टी के सामने अवसर है।
अंता: विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद पंचायत चुनाव में भी बढ़त कायम रखने की चुनौती।
आवासी क्षेत्र: पारंपरिक आदिवासी वोटबैंक बीएपी की ओर खिसकने की चुनौती।
गुटबाजी: डीडवाना-कुचामन और टोंक में स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच गुटबाजी पार्टी के लिए चुनौती है।
बोर्ड गठन: चुनाव जीतने के बाद सदस्यों को एकजुट रखना और जिला प्रमुख व प्रधान बनाना कांग्रेस के लिए अहम होगा।
जोधपुर जिले की बिलाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भावी में सरपंच पद के लिए सोमवार को प्रस्तावित पुनर्मतदान भी स्थगित कर दिया गया। बिलाड़ा थाने पर धरना-प्रदर्शन, पथराव और वाहनों में तोड़-फोड़ के बाद लाठीचार्ज से पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति के चलते पुनर्मतदान स्थगित करने का निर्णय किया गया। उधर, मतपत्र चोरी के मामले में निलंबित दो मतदान अधिकारियों व्याख्याता जगदीश सारण और कृषि पर्यवेक्षक सहीराम बिश्नोई को रविवार को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया।
जयपुर पंचायत चुनाव तीसरे चरण में 11869 मतदान दल सोमवार को रवाना होंगे। मंगलवार को 27 जिला परिषदों के 377 और 116 पंचायत समितियों के 2119 वार्डों में मतदान होगा। वहीं गुरुवार को 3716 ग्राम पंचायतों में सरपंचों व 34218 वार्ड पंचों का चुनाव होगा। इन सभी के लिए 1.06 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान कर सकेंगे।