
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान समाप्त होते ही भाजपा और कांग्रेस ने अगले चरणों के लिए चुनावी रणनीति तेज कर दी है। दोनों दलों के वॉर रूम सक्रिय हैं और स्थानीय स्तर पर समीकरण साधने, मतभेद दूर करने तथा चुनाव बाद की संभावित राजनीतिक स्थितियों को ध्यान में रखकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान होने के साथ ही भाजपा का रणनीतिक और विश्लेषणात्मक तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
कई जगह मतदान के मुताबिक नहीं रहने से बीजेपी की चिंता बढ़ गई है। शुरुआती आकलन में जिन जिला परिषदों में पार्टी एकतरफा जीत और आसानी से अपना बोर्ड बनाने का मजबूत दावा कर रही थी, वहां अब कम मतदान के चलते मुकाबला कड़ा और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इन करीबी समीकरणों को देखते हुए पार्टी ने चुनाव परिणाम से पहले ही अपने प्रत्याशियों की 'बाड़ाबंदी' की तैयारियां शुरू कर दी है।
भाजपा ने तीसरे और चौथे चरण के जिला परिषद चुनावों के लिए प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया पूरी कर ली है। पार्टी ने तीसरे चरण की 17 जिला परिषदों के लिए कोई आधिकारिक सूची जारी करने के बजाय, वरिष्ठ नेताओं के माध्यम से उम्मीदवारों को फोन पर ही नामांकन दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। नामांकन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए प्रत्याशियों को सिंबल देने के बजाय जिला प्रभारी सीधे रिटर्निंग अधिकारी को पार्टी का सिंबल सौंपेंगे।
जयपुर. पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों के चयन और सिंबल वितरण का कार्य पूरा कर लिया है। शुक्रवार को नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण पार्टी को प्रत्याशियों के नामों पर सहमति बनाने के लिए अंतिम समय तक भारी सियासी मशक्कत करनी पड़ी। चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए प्रदेश कांग्रेस के वॉररूम और विभिन्न जिलों में 'पॉलिटिकल अफेयर कमेटियों' की अहम बैठकें हुई। बैठकों के दौरान टिकटों को लेकर स्थानीय नेताओं के बीच गुटबाजी और टकराव खुलकर सामने आया। भरतपुर और डीग सहित कई जिलों की बैठकों की कमान प्रदेश सह-प्रभारी चिरंजीवी राव ने संभाली।
वहीं जिन सीटों पर विवाद ज्यादा था, वहां प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मोर्चा संभाला। डोटासरा ने नेताओं से सीधा संवाद कर विवाद को सुलझाया और का फीडबैक लिया। नेताओं की सहमति बनते ही जिला परिषद और पंचायत समिति वार्डों के प्रत्याशियों को पार्टी के सिंबल भेज दिए गए। तीसरे चरण की इस राजनीतिक प्रक्रिया के पूरे होने के बाद अब चौथे चरण में कांग्रेस को केवल जैसलमेर जिले के प्रत्याशियों के लिए मंथन करना शेष रह गया है।