
जयपुर. जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर संदेश नायक ने जिला परिषद, पंचायत समिति और पंच-सरपंच चुनाव को लेकर सूखा दिवस घोषित किया है। आदेश के अनुसार, मतदान और मतगणना के दौरान संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के साथ उनके पांच किलोमीटर के परिधीय क्षेत्र में शराब की बिक्री, वितरण और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया के दौरान लागू रहेगी।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए चार चरणों में सूखा दिवस रहेगा। पहले चरण में 20 से 22 अक्टूबर तक, दूसरे चरण में 26 से 28 अक्टूबर तक, तीसरे चरण में 1 से 3 नवंबर तक और चौथे चरण में 12 से 14 नवंबर तक शराब की बिक्री, वितरण और उपयोग पर रोक रहेगी।
वहीं, पंच और सरपंच चुनाव के दौरान भी चरणवार सूखा दिवस लागू किया जाएगा। पहले चरण में 22 अक्टूबर शाम 6 बजे से 24 अक्टूबर को मतगणना समाप्त होने तक शराब पर प्रतिबंध रहेगा। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर शाम 6 बजे से 30 अक्टूबर तक, तीसरे चरण में 3 नवंबर शाम 6 बजे से 5 नवंबर तक और चौथे चरण में 14 नवंबर शाम 6 बजे से 16 नवंबर को मतगणना समाप्त होने तक सूखा दिवस रहेगा। इस दौरान संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों और उनके पांच किलोमीटर के दायरे में शराब की बिक्री, वितरण और उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद से ही प्रशासन तैयारियों में जुटा है। इन चुनावों में ग्रामीण मतदाता अपने क्षेत्र के पंच, सरपंच और पंचायत समिति व जिला परिषद के सदस्यों को चुनेंगे। चुनाव को चार चरणों में कराया जाना है, ताकि मतदान और मतगणना की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। जयपुर जिले में भी चुनाव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। यहां 22 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली 597 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। करीब 18.99 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था, ईवीएम और स्ट्रॉन्ग रूम से जुड़ी तैयारियों पर ध्यान दे रहा है। चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का पालन कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।