राजस्थान में सत्यापन न कराने पर 20.36 लाख पेंशनधारियों की पेंशन अस्थायी रूप से रोकी गई, जो कुल 71.46 लाख का करीब 28.5% है। जानिए कैसे करें अपनी पेंशन के लिए सत्यापन
जयपुर: राजस्थान में पेंशन लेने वाले लाखों लोगों को बड़ा झटका लगा है। राज्य में कुल 71,46,713 पेंशन लाभार्थी हैं। इनमें से 20.36 लाख लाभार्थियों की पेंशन अचानक रोक दी गई है। यह रोक इसलिए लगी क्योंकि वार्षिक सत्यापन, जीवन प्रमाण और पात्रता की जांच तय समय में पूरा नहीं हुई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने साफ कहा है कि सत्यापन की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 थी, लेकिन बहुत से लोगों ने समय पर बायोमेट्रिक या फेस रिकग्निशन से यह काम नहीं करवाया। इसलिए जनवरी 2026 से इनकी पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
जयपुर डिवीजन में सबसे ज्यादा मामले हैं। जयपुर में कुल 6.11 लाख पेंशनर हैं, जिनमें से 4.39 लाख का सत्यापन हो चुका था, लेकिन 1.72 लाख का नहीं हुआ। जोधपुर डिवीजन में भी बड़ी संख्या में पेंशन रुकी है। दूसरे जिलों में भी यही स्थिति है। जहां सत्यापन पेंडिंग रहा, वहां पेंशन रोकी गई।
विभाग का मकसद योजना में पूरी पारदर्शिता रखना है। फर्जी या अपात्र लोगों को बाहर निकालना और केवल जरूरतमंदों को समय पर फायदा पहुंचाना है। फ्रॉड रोकने के लिए यह वार्षिक सत्यापन जरूरी है। अधिकारी ने बताया कि सत्यापन पूरा होते ही पेंशन दोबारा शुरू हो जाएगी और बकाया राशि भी खाते में आ जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने बताया की सत्यापन न होने की वजह से इन सभी लोगों की पेंशन अब कुछ समय के लिए रोक दी गई है। वेरिफिकेशन की आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी। इसके बावजूद भी लाभार्थियों ने तय समय सीमा पर प्रोसेस पूरा नहीं किया। राज्य में 71 लाख पेंशन लाभार्थि है। जिसमें से 20 लाख लोगों का वार्षिक सत्यापन नहीं हुआ है। इस वजह से उनकी अब कुछ समय के लिए पेंशन रोक दी गई है।