GST Slab Cut Effect : इस नवरात्र में जो लोग अपने घर की नींव रखेंगे या फिर बुक करेंगे, उनको अपनी छत सस्ती मिलेगी। यह जीएसटी स्लैब के हालिया बदलाव से हो रहा है। इससे जयपुर के रियल एस्टेट मार्केट में बूम आने की संभावना है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस राहत से गुलाबी नगरी में मिड-सेगमेंट और अफोर्डेबल हाउसिंग को नई गति मिलेगी। खासतौर पर वे गृहस्वामी जो खुद निर्माण करवा रहे हैं, उन्हें सीधा फायदा होगा। मॉड्यूलर किचन, वॉर्डरोब और लाइटिंग जैसी फनिशिंग पर भी अब कम जीएसटी लगेगा, जिससे घर सजाना भी किफायती होगा। सीमेंट समेत निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य सामान पर जीएसटी घटाने से लोगों को राहत मिलेगी।
गुलाबी नगरी जयपुर की बात करें तो घर बनाने में लोग 30 से 50 लाख रुपए तक खर्च करते हैं। ऐसे में लोगों को पूरा मकान बनाने के दौरान डेढ़ लाख से ढाई लाख रुपए की बचत होने की संभावना है।
सामग्री - पहले - अब
सीमेंट - 25 - 18
मार्बल ब्लॉक- 12 - 05
रेत-चूने की ईंट - 12 - 05
स्व-निर्माण करने वाले गृहस्वामी : जो सामान सीधे बाजार से खरीदेंगे।
मिड-सेगमेंट और अफोर्डेबल हाउसिंग : यहां लागत में थोड़ी कटौती भी बड़ा फर्क लाती है।
फर्निशिंग में कटौती : मॉड्यूलर किचन, वॉर्डरोब, लाइटिंग आदि पर भी अब कम जीएसटी लगेगा।