प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देशों के बाद राजस्थान सरकार एक्शन मोड में हैं। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत की अफवाहों पर विराम लगाते हुए मुख्य सचिव ने साफ कर दिया है कि राजस्थान के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पैनिक होने की कतई जरूरत नहीं है।
खाड़ी देशों में उपजे हालातों के बीच भारत सरकार और राजस्थान सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुक्रवार को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद, शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक का मुख्य एजेंडा प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं— पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरक (Fertilizer) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा।
मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राजस्थान में ईंधन और खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) को रोकने के लिए भ्रामक खबरों पर तुरंत लगाम लगाई जाए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी का उत्पादन बढ़ा है और खाड़ी देशों के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
कृषि प्रधान राज्य होने के नाते राजस्थान सरकार ने यूरिया और डीएपी के स्टॉक की भी समीक्षा की है।
सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों को लेकर सरकार बेहद सख्त है।
पश्चिम एशिया के घटनाक्रम को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रवासी राजस्थानियों के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन संचालित की जा रही है। मुख्य सचिव ने बताया कि खाड़ी देशों में कार्यरत राजस्थान के प्रवासियों के साथ निरंतर संपर्क साधा जा रहा है ताकि उन्हें किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है।
आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राजस्थान की अन्नपूर्णा रसोइयों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। बाजारों में खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नजर रखने के लिए दैनिक 'प्राइस चार्ट' जारी किया जाएगा।