25 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan News : खुद के आशियाने का सपना हुआ पूरा- मिली घर की चाबी, जानें क्या है सरकार की ये ‘गज़ब’ स्कीम? 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 'हर परिवार को पक्का घर' के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने मेधावी पहल की है। 'गृह गौरव' अभियान के तहत बुधवार को जोधपुर में दर्जनों परिवारों का अपने घर का सपना हकीकत में बदल गया।

3 min read
Google source verification

राजस्थान की सूर्य नगरी जोधपुर में बुधवार का दिन 38 परिवारों के लिए जीवन का सबसे यादगार दिन बन गया। जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के प्रांगण में आयोजित “गृह गौरव: खुशियों की चाबी” कार्यक्रम के दौरान संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के लाभार्थियों को उनके अपने आशियाने की चाबियाँ सौंपी।

इस अवसर पर मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार हर छत विहीन परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है।

ग्राम बड़ली में साकार हुआ 'अपना घर' का सपना

जोधपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम बड़ली के खसरा संख्या 88 में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को विकसित किया गया है।

  • आधुनिक सुविधाएं: मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि बड़ली में निर्मित यह प्रोजेक्ट केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं है, बल्कि यह आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस है।
  • बुनियादी ढांचा: यहाँ निवासियों के लिए गुणवत्तापूर्ण सड़कें, बिजली, शुद्ध पेयजल और सार्वजनिक पार्कों जैसी समस्त मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।

1216 आवासों का लक्ष्य: गरीबों को मिलेगा सम्मान

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत इस प्रोजेक्ट का खाका आर्थिक रूप से कमजोर और अल्प आय वर्ग को ध्यान में रखकर खींचा गया है

  • कुल आवास: योजना के तहत कुल 1,216 फ्लैट्स का निर्माण होना है।
  • वर्गवार विभाजन: आर्थिक दृष्टि से कमजोर (EWS) वर्ग के लिए 768 और अल्प आय वर्ग (LIG) के लिए 448 आवास प्रस्तावित हैं।
  • प्रगति: 2018 में शुरू हुए इस कार्य के तहत अब तक 320 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिनमें से 38 आवंटियों को आज चाबियाँ सौंपी गईं।

राजस्थान में पीएम आवास योजना की रफ्तार

संसदीय कार्य मंत्री ने प्रदेश में चल रहे आवास मिशन के आंकड़े साझा करते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई:

  • शहरी क्षेत्र: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राजस्थान में 48 हजार नवीन आवास स्वीकृत किए गए हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्र: पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत प्रदेश में 7.16 लाख आवास स्वीकृत कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।

सम्मानजनक जीवन का आधार

विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने भावुक होते हुए कहा, "अपना घर होना हर व्यक्ति का सबसे बड़ा सपना होता है। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के माध्यम से हम न केवल छत दे रहे हैं, बल्कि गरीब परिवारों को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का आधार प्रदान कर रहे हैं।" उन्होंने सभी आवंटियों को बधाई देते हुए उनके सुखद और मंगलमय भविष्य की कामना की।

जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की भूमिका

जोधपुर विकास प्राधिकरण इस योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटा है। शेष आवासों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाई जा रही है ताकि बचे हुए आवंटियों को भी जल्द से जल्द उनके घरों का कब्जा दिया जा सके।


क्या है मुख्यमंत्री जान आवास योजना?

राजस्थान में 'मुख्यमंत्री जन आवास योजना' प्रदेश की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास खुद की छत नहीं है।

यह योजना मुख्य रूप से दो आय वर्गों के लिए बनाई गई है:

  • EWS (आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग): जिनकी वार्षिक आय ₹3 लाख तक है।
  • LIG (अल्प आय वर्ग): जिनकी वार्षिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच है।

किफायती दरें

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ बाजार मूल्य (Market Rate) से काफी कम दाम पर फ्लैट्स या मकान उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकार जमीन और संसाधनों पर सब्सिडी देती है, जिससे आम आदमी का बोझ कम हो जाता है।

प्रमुख प्रावधान और सुविधाएं

  • निजी भूमि पर विकास: सरकार निजी डेवलपर्स को भी प्रोत्साहित करती है कि वे अपनी जमीन पर इस योजना के तहत घर बनाएं, जिसके बदले उन्हें इंसेंटिव (जैसे एक्स्ट्रा FAR या टैक्स छूट) दिए जाते हैं।
  • आधुनिक बुनियादी ढांचा: जैसा कि अभी जोधपुर के बड़ली प्रोजेक्ट में देखा गया, इन आवासों में केवल दीवारें नहीं बल्कि सड़क, बिजली, पानी की लाइन और पार्क जैसी सुविधाएं JDA या संबंधित विकास प्राधिकरण द्वारा सुनिश्चित की जाती हैं।
  • पारदर्शी आवंटन: मकानों का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है ताकि किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे।