
जयपुर. हथियार तस्करों और बदमाशों पर शिकंजा कसने वाली कमिश्नरेट की विशेष टीम (सीएसटी) का एक हेड कांस्टेबल खुद ही संगीन जुर्म में सलाखों के पीछे पहुंच गया है। शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले की गहराई से की गई जांच में हेड कांस्टेबल रोहिताश की संदिग्ध और आपराधिक भूमिका सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने शास्त्री नगर निवासी फुरकान, पानीपेच स्थित नेहरू नगर निवासी अभिषेक सिंह और मनीष मीणा को भी गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई के दौरान अभिषेक के साथ गए मृदुल को भी पुलिस ने पकड़ लिया था। हालांकि, जांच में मृदुल की संलिप्तता सामने नहीं आई, जिसके बाद वकीलों के विरोध और तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उसे रिहा कर दिया। आरोपी हेड कांस्टेबल ने रिहाई से पहले मृदुल की सोने की चेन और अंगूठी रखवा ली थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अभिषेक ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि ये दोनों पिस्टल जेल में बंद रहे श्रवण सोनी ने उसके पास रखवाई थीं। बाद में श्रवण सोनी की मौत हो गई थी, जिसकी जानकारी अभिषेक ने रोहिताश को दी थी। इसके बाद रोहिताश ने एक पिस्टल अपने पास रख ली और दूसरी पिस्टल फुरकान के सुपुर्द कर दी थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस कमिश्नर ने खाकी को दागदार करने वाले इस हेड कांस्टेबल के खिलाफ सख्त विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
डीसीपी (नॉर्थ) करन शर्मा ने बताया कि आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण की पड़ताल में सामने आया कि हेड कांस्टेबल रोहिताश की अभिषेक और मनीष मीणा से करीब दो साल से जान-पहचान थी। करीब एक महीने पहले रोहिताश ने अभिषेक से एक पिस्टल और आठ-दस दिन पहले मनीष से दूसरी पिस्टल अपने पास ले ली थी। जांच में खुलासा हुआ कि कुछ दिन पहले रोहिताश और अन्य आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद रंजिश रखते हुए हेड कांस्टेबल ने बदला लेने की नीयत से शास्त्री नगर थाना परिसर स्थित खुद के क्वार्टर पर शराब पार्टी में अन्य आरोपियों को बुलाया। पार्टी के बाद उसने खुद पुलिस को झूठी सूचना देकर बुलवाया और आरोपियों के पास पहले से ली गई पिस्टल होना बताकर उन्हें गिरफ्तार करवा दिया।