युवाओं को पुलिस से जोड़ने के लिए राजस्थान के DGP ने यूथ CLG योजना शुरू की है। इसमें चयन आवेदन, इंटरव्यू और सत्यापन से होगा। अच्छे चरित्र वाले युवाओं को मौका मिलेगा।
जयपुर: राजस्थान पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने और अपराध नियंत्रण में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए राजस्थान पुलिस महानिदेशक ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रदेश में अब 'यूथ CLG' (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) योजना को लांच किया गया है।
बता दें कि इसके माध्यम से युवाओं को सीधे पुलिसिंग और सामुदायिक सुरक्षा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इस योजना के तहत युवाओं का चयन बेहद पारदर्शी और सख्त मानकों पर आधारित होगा। इच्छुक युवाओं को स्थानीय स्तर पर आवेदन करना होगा, जिसके बाद साक्षात्कार और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
केवल अच्छी सामाजिक प्रतिष्ठा और निष्कलंक चरित्र वाले युवा ही इसके सदस्य बन सकेंगे। सक्रिय राजनीति से जुड़े व्यक्तियों, आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त युवाओं को समूह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
समूह का कुल कार्यकाल 3 वर्ष का निर्धारित किया गया है। पारदर्शिता और नए युवाओं को मौका देने के लिए प्रतिवर्ष एक तिहाई सदस्यों को बदलकर नए चेहरों को शामिल किया जाएगा।
यदि कोई सदस्य अनुशासनहीनता या निष्क्रियता दिखाता है, तो उसे समय से पूर्व हटाया जा सकेगा। वहीं, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं के कार्यकाल को बढ़ाने का विकल्प भी रखा गया है।
युवाओं को सक्रिय रखने के लिए पुलिस प्रशासन उन्हें विशेष रियायतें भी देगी। यूथ CLG के सदस्यों को पुलिस के सामुदायिक भवन, खेल के मैदान और जिम जैसे संसाधनों का उपयोग करने के लिए विशेष छूट दी जाएगी।
DGP की इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का सेतु बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की ऊर्जा और उनके स्थानीय इनपुट से न केवल अपराधों पर लगाम लगेगी।
बल्कि समाज में पुलिस की छवि में भी सकारात्मक सुधार आएगा। इस योजना से राजस्थान के हजारों युवा सीधे तंत्र का हिस्सा बनकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित होंगे।
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