Former Chief Minister Ashok Gehlot: लंबित प्रोजेक्ट को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा गई है। एक हफ्ते से आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी तेज है। ‘शास्त्रों’ की जंग में घिरी राजनीति के बीच गहलोत के हर चैप्टर पर सरकार लगातार पलटवार कर रही है।
Rajasthan Politics Shastra War: जयपुर: प्रदेश की सियासत पिछले एक सप्ताह से 'इंतजार शास्त्र', 'झूठ शास्त्र', 'कर्म शास्त्र' और 'हकीकत शास्त्र' जैसे शब्दों के इर्द-गिर्द घूम रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश के लंबित प्रोजेक्ट्स को लेकर लगातार 'इंतजार शास्त्र' के चैप्टर जारी कर सरकार पर हमले कर रहे हैं। वहीं, सरकार भी इन आरोपों का तीखे पलटवार कर रही है।
गहलोत के 'इंतजार शास्त्र' पर रोजाना मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों और भाजपा नेताओं की ओर से जवाब दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी खुद इस सियासी जुबानी जंग में उतर चुके हैं।
ऐसी चर्चा है कि गहलोत की टीम ने प्रदेश के लंबित प्रोजेक्ट्स पर आधारित 'इंतजार शास्त्र' की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार कर रखी है, जिसके तहत अब तक सात चैप्टर जारी किए जा चुके हैं।
चैप्टर 1: 23 मार्च
गहलोतः जेएलएन मार्ग पर 233 करोड़ की लागत से बना महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट 2024 में पूरा होने के बावजूद शुरू नहीं किया गया।
चैप्टर-2: 24 मार्च
गहलोतः एसएमएस अस्पताल के 1200 बेड आइपीडी टावर में नई मंजिल नहीं बनी, लेकिन लागत 400 से बढ़कर 764 करोड़ हो गई।
चैप्टर-3: 25 मार्च
गहलोतः सांगानेर गेट महिला चिकित्सालय में 117 करोड़ की लागत से 500 बेड आईपीडी टावर अधूरा है।
चैप्टर-4: 26 मार्च
गहलोतः जयपुर के चारों कोनों पर प्रस्तावित 4 सेटेलाइट अस्पतालों का काम रोक दिया गया या बंद कर दिया गया।
चैप्टर-5: 27 मार्च
गहलोतः राजधानी जयपुर में सिविल लाइंस लाइस आरओबी का काम 2026 तक भी पूरा नहीं हुआ। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
चैप्टर-6: 28 मार्च
गहलोतः चौंप में बनने वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अधूरा है और आरसीए चुनाव दो साल से नहीं हुए।
चैप्टर-7: 29 मार्च
गहलोतः प्रतापनगर कोचिंग हब में शिफ्टिंग नहीं हो रही, एलिवेटेड रोड अनावश्यक है और आईआईटी जोधपुर को जयपुर में जगह दी जा रही है।