Crime in Rajasthan: “राजनीतिक चुप्पी तोड़ें गृह मंत्री” – कानून व्यवस्था को लेकर अशोक गहलोत का तीखा बयान। राजस्थान में बढ़ता अपराध और माफियाराज, गहलोत ने केंद्र सरकार को घेरा।
Kanhaiyalal Case: जयपुर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राजस्थान दौरे से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर तीखा बयान जारी करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था और उदयपुर के स्वर्गीय कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। गहलोत ने अमित शाह का राजस्थान में स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि वे अपनी “राजनीतिक चुप्पी” तोड़ेंगे और यह स्पष्ट करेंगे कि कन्हैयालाल के परिवार को न्याय आखिर कब मिलेगा।
गहलोत ने कहा कि घटना की रात ही यह मामला राजस्थान पुलिस से लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद पीड़ित परिवार आज भी न्याय के लिए भटक रहा है। उन्होंने चुनाव के दौरान मुआवजे को लेकर किए गए कथित गलत बयानों पर भी सवाल उठाए और कहा कि परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा और दोनों बेटों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, जिसे परिवार ने स्वयं सार्वजनिक रूप से बताया है। ऐसे में जनता से असत्य बोलने पर माफी मांगी जानी चाहिए।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजस्थान में कानून का इकबाल कमजोर पड़ चुका है। रंगदारी, दुष्कर्म, माफिया गतिविधियों और बजरी माफिया की हिंसक घटनाओं से आम जनता त्रस्त है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात इतने बिगड़ गए हैं कि दूसरे राज्यों की पुलिस यहां आकर कार्रवाई कर रही है और राज्य सरकार को इसकी जानकारी तक नहीं रहती।
गहलोत ने गृह मंत्री से अपील की कि वे केवल भाषणों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर ठोस जवाब और कार्रवाई सुनिश्चित करें।