जयपुर

राजस्थान SI भर्ती पेपर लीक: कोचिंग संचालक समेत 2 गिरफ्तार, 35 लाख में खरीदा था सॉल्वड पेपर, अब तक 149 अरेस्ट

Rajasthan SI Paper Leak: राजस्थान SI भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में SOG ने शाहपुरा की तत्कालीन एमएडी फाउंडेशन कोचिंग के संचालक दिनेश किलका और सीकर निवासी राकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों ने 35 लाख में सॉल्वड पेपर खरीदकर दो अभ्यर्थियों को बेच दिया, जो बाद में SI बने। मामले में अब तक 149 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
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Jul 01, 2026
Rajasthan SI Paper Leak
राकेश कुमार और दिनेश किलका (फोटो एक्स)

Rajasthan SI Exam Paper Leak: राजस्थान उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप को एक और बड़ी सफलता मिली है। SOG ने इस घोटाले में शामिल मुख्य आरोपियों में से एक, तत्कालीन 'एमएडी फाउंडेशन कोचिंग' (शाहपुरा) के संचालक दिनेश किलका और उसके साथी राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 4 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहां उनसे इस पूरे सिंडिकेट और पैसों के लेन-देन को लेकर पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 149 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं। आइए समझते हैं कि इस पूरे खेल का खुलासा कैसे हुआ और किस तरह पेपर लीक को अंजाम दिया गया।

लाखों की डील और अभ्यर्थियों का चयन

जांच में सामने आया है कि कोचिंग संचालक दिनेश किलका और सीकर निवासी राकेश कुमार ने मिलकर पूरा जाल बुना था। इन्होंने दो अभ्यर्थियों अविनाश पलसानिया और परमेश चौधरी को परीक्षा से पहले ही लीक हुआ सॉल्व पेपर उपलब्ध कराया और उसकी तैयारी करवाई। अविनाश पलसानिया: इससे आरोपियों ने 20 लाख रुपए लिए थे। पेपर मिलने के बाद अविनाश ने परीक्षा में 86वीं रैंक हासिल की और सब-इनस्पेक्टर बन गया और परमेश चौधरी: इससे आरोपियों ने 16 लाख रुपए वसूले थे। परमेश ने अंतिम मेरिट सूची में 180वीं रैंक हासिल की थी।

कैसे खुली इस सिंडिकेट की परतें?

SOG ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपी अभ्यर्थियों (अविनाश और परमेश) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अपने छात्र अभ्यर्थियों के पकड़े जाने के बाद से ही कोचिंग संचालक दिनेश किलका फरार चल रहा था। SOG के पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। आखिरकार, कड़ी मशक्कत के बाद SOG ने 29 जून 2026 को दिनेश को दबोच लिया।

दिनेश किलका की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ। दिनेश ने बताया कि उसने यह सॉल्व पेपर खुद 35 लाख रुपए में राकेश कुमार से खरीदा था। दिनेश की निशानदेही पर SOG ने अगले ही दिन (30 जून को) राकेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।

जांच को आगे बढ़ाने पर पता चला कि राकेश कुमार के पास यह पेपर लीक गिरोह के एक अन्य सदस्य अरुण शर्मा के जरिए पहुंचा था। अरुण शर्मा को SOG पहले ही जुलाई 2024 में गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे और नई गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है।

Published on:
01 Jul 2026 04:16 pm