Rajasthan SI Re-Exam Issue:राजस्थान में उप निरीक्षक (एसआइ) भर्ती-2021 को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने के निर्णय ने उन 70 चयनित अभ्यर्थियों के सामने जीवन का सबसे बड़ा संकट खड़ा कर दिया है, जो ट्रेनिंग या ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। ऐसे अभ्यर्थियों के लिए दोबारा फिजिकल टेस्ट पास करना बड़ी चुनौती बन गया है।
Rajasthan SI Re-Exam Issue: राजस्थान में उप निरीक्षक (एसआइ) भर्ती-2021 को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने के निर्णय ने उन 70 चयनित अभ्यर्थियों के सामने जीवन का सबसे बड़ा संकट खड़ा कर दिया है, जो ट्रेनिंग या ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। ये वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने चयन के सभी कड़े मापदंड पूरे किए और ट्रेनिंग के दौरान अपनी क्षमता का लोहा मनवाया, लेकिन अब शारीरिक चोट के कारण उनके लिए दोबारा उसी रफ्तार में दौड़ना या लॉन्ग जंप करना मुश्किल नजर आ रहा है।
सेना में 15 साल सेवा और मुंबई में 26/11 हमले के दौरान एनएसजी ऑपरेशन का हिस्सा रहे अभ्यर्थी भागीरथ सिंह इसका बड़ा उदाहरण हैं। ट्रेनिंग के दौरान 400 मीटर दौड़ में प्रथम आने वाले भागीरथ को बाद में घुटने में गंभीर लिगामेंट इंजरी हुई। सर्जरी के बाद वे अब दौड़ने की स्थिति में नहीं हैं। उनका सवाल है कि वर्षों की मेहनत और देश सेवा के बदले मिली इस चोट के कारण क्या अब उनकी नौकरी छीन ली जाएगी?
इसी तरह मंजू मीणा ट्रेनिंग के दौरान चोटिल हुईं और बाद में घुटने के लिगामेंट और मेनिस्कस फटने के कारण उन्हें दौड़ने से मना कर दिया गया। वहीं, उदयपुर रिजर्व पुलिस लाइन में 31 दिसंबर 2025 को रोल कॉल के दौरान सुभाष विश्नोई के पैर की हड्डी फ्रैक्चर हो गई। सुभाष अभी पैर पर वजन भी नहीं दे पा रहे। इन जैसे करीब 70 अभ्यर्थियों का दर्द एक ही है… ‘हमने वर्दी पहन ली, ट्रेनिंग पूरी की और ड्यूटी भी की, अब पुरानी चोट दोबारा फिजिकल पास नहीं करने देगी।’
प्रभावित अभ्यर्थियों ने मांग की है कि, सरकार उनके लिए अलग नीति अपनाए। उनका तर्क है कि चूंकि वे सरकारी प्रक्रिया (ट्रेनिंग या ड्यूटी) के दौरान ही घायल हुए हैं, इसलिए उन्हें दोबारा शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बाध्य करना न्यायसंगत नहीं है। इन्होंने मांग की है कि मेडिकल बोर्ड के आधार पर उन्हें राहत दी जाए या उनके पुराने फिजिकल रिकॉर्ड को ही अंतिम माना जाए।
एसआइ और कांस्टेबल भर्ती के संबंध में राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम-1989 हैं, जिनमें सरकार विशेष परिस्थितियों में अनुभव व आयु सीमा में छूट दे सकती है। चूंकि एसआइ भर्ती चार साल बाद दोबारा हो रही है, ऐसे में यदि पूर्व में चयनित एवं प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों के सामने योग्यता संबंधी परेशानियां आ रही हैं, तो सरकार नियमों में संशोधन कर उन्हें राहत प्रदान कर सकती है।
-रामप्रताप सैनी, एडवोकेट, हाईकोर्ट