जयपुर

SI Examination 2025 : राजस्थान पुलिस ने जारी किया 26 जिलों में हाई अलर्ट, डीजीपी ने भी चेताया

SI Examination 2025 : राजस्थान में 5 और 6 अप्रेल को होने वाली एसआइ भर्ती परीक्षा के लिए पुलिस मुख्यालय ने 26 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है।
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फाइल फोटो पत्रिका

SI Examination 2025 : राजस्थान में 5 और 6 अप्रेल को होने वाली उप निरीक्षक (एसआइ) भर्ती परीक्षा पुलिस प्रशासन के लिए किसी 'अग्नि परीक्षा' से कम नहीं है। करीब 7.70 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए राजस्थान पुलिस ने अब तक के सबसे सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पेपरलीक और नकल माफियाओं के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार पुलिस मुख्यालय ने 26 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है।

एसओजी और एटीएस की विशेष टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। राजस्थान पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती उन फरार गिरोहों से है जो पर्दे के पीछे से परीक्षा में सेंध लगाने की फिराक में रहते हैं। एसओजी ने गड़बड़ी करने वाले गिरोहों की सूचना देने वालों के लिए 1 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की है।

परीक्षा केंद्रों पर केवल पुलिस बल ही नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक सत्यापन और पहचान पत्रों की गहन जांच के जरिए डमी अभ्यर्थियों को रोकने की रणनीति बनाई गई है। कोचिंग सेंटर्स, ई-मित्र संचालकों और पुराने नकल गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों पर तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई है।

संवेदनशील केंद्रों पर तैनात रहेगा अतिरिक्त जाप्ता

सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को थानाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों को कुचलने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त जाप्ता तैनात रहेगा।

साइबर कैफे व ई-मित्र केंद्र रहेंगे बंद

परीक्षा केंद्रों की परिधि में पूर्ण अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में स्थित साइबर कैफे एवं ई-मित्र केंद्रों को परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखा जाएगा।

गड़बड़ी या धोखाधड़ी पर कठोरतम कार्रवाई

यदि कोई भी व्यक्ति परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धोखाधड़ी की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राजीव शर्मा, डीजीपी राजस्थान

राजस्थान लोक सेवा आयोग सचिव ने कहा गड़बड़ी मिलने पर सजा होगी

राजस्थान लोक सेवा आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि नए नियमों के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, प्रश्न पत्र लीक करने का षड्यंत्र रचता है या किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा (डमी कैंडिडेट) देता है, तो वह इस राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के दायरे में होगा।

इस अधिनियम के तहत अपराध करने वालों को न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। आर्थिक दंड के रूप में दोषियों पर 10 लाख रुपए से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके साथ ही अपराध में शामिल लोगों से पूरी परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा और अपराध से अर्जित की गई उनकी संपत्ति की कुर्की व जब्ती भी की जाएगी।

Updated on:
04 Apr 2026 08:01 am
Published on:
04 Apr 2026 07:35 am