
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव (Student Union Elections) दोबारा बहाल कराने की मांग को लेकर युवा शक्ति यानी 'Gen-Z' का आंदोलन अब उग्र और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। राजधानी जयपुर में राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) कैंपस से लेकर सड़कों तक छात्रनेताओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है, जिसने राज्य प्रशासन और पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। छात्रसंघ चुनाव कराने की जिद पर अड़े युवा अब चरम रास्ते अपनाने पर मजबूर हो गए हैं। जयपुर के टोंक फाटक इलाके में NSUI कार्यकर्ता और छात्रनेता पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वहीं राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रनेता लक्ष्यराज लुहारिया ने 'भूमि समाधि' लेने का ऐलान किया है। इसके अलावा 7 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे छात्रनेता शुभम रेवाड़ की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर SMS अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन छात्रनेता ने अस्पताल के बेड पर भी अपना अनशन जारी रखा है।
जयपुर के व्यस्त टोंक फाटक स्थित पानी की टंकी पर NSUI कार्यकर्ताओं का हाई-वोल्टेज ड्रामा और विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है। छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर तीन छात्रनेता पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही समझाइश और बातचीत के बावजूद छात्र नीचे उतरने को तैयार नहीं हैं।
किसी भी अनहोनी या हादसे से बचाव के लिए मौके पर भारी पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीम तैनात की गई है। एहतियात के तौर पर टंकी के नीचे बड़ा सुरक्षा जाल बिछाया गया है।
राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) के मुख्य परिसर में प्रशासनिक भवन के सामने छात्रनेताओं ने अपने विरोध को और अधिक आक्रामक बना दिया है।छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर छात्रनेता लक्ष्यराज लुहारिया ने यूनिवर्सिटी कैंपस में गड्ढा खोदकर 'भूमि समाधि' लेने का ऐलान किया।
इस आंदोलन की खबर मिलते ही यूनिवर्सिटी कैंपस में सैकड़ों की संख्या में छात्र और समर्थक एकत्र हो गए, जिससे कैंपस का माहौल अत्यधिक तनावपूर्ण हो गया।
छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली को लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी में पिछले 7 दिनों से आमरण अनशन चल रहा था। पिछले 9 दिनों से अनशन पर बैठे छात्रनेता शुभम रेवाड़ का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। स्थिति गंभीर होने पर पुलिस ने बीते दिन उन्हें जबरन उठाकर जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में इलाज के दौरान भी शुभम रेवाड़ ने खाना खाने से इनकार कर दिया है और अस्पताल परिसर से ही अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है।
राजस्थान में पिछले कुछ समय से छात्रसंघ चुनाव स्थगित या बंद होने के कारण युवा छात्रनेताओं में सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति भारी असंतोष है। प्रदेश भर के सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पारदर्शी तरीके से तत्काल प्रभाव से छात्रसंघ चुनाव कराने की तिथि घोषित की जाए।
विधानसभा सत्र और आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच छात्रनेताओं के इस आक्रामक रुख ने राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर अत्यधिक राजनीतिक दबाव बना दिया है।