
Bikaner NSUI Protest for Student Union Elections
राजस्थान में पिछले काफी समय से बंद पड़े छात्रसंघ चुनावों को दोबारा बहाल करने की मांग तूल पकड़ने लगी है। बीकानेर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्य हाईवे को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया, जिसके बाद पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए NSUI बीकानेर के जिलाध्यक्ष हरीराम गोदारा सहित कई छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इस घटना के बाद से पूरे संभाग में छात्र राजनीति गरमा गई है।
छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने और बैन हटाने की मांग को लेकर NSUI कार्यकर्ता सुबह ही भारी संख्या में एकत्र हुए। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए छात्रों का जत्था मुख्य हाईवे की तरफ बढ़ा और देखते ही देखते बीच सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।
चक्काजाम के कारण हाईवे पर दोनों तरफ गाड़ियों का लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इसमें कई बसें, ट्रक और आम यात्री घंटों फंसे रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर छात्रों को समझाने और शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र हाईवे खाली न करने पर अड़े रहे।
जब प्रशासनिक समझाइश का प्रदर्शनकारियों पर कोई असर नहीं हुआ और आम जनता की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, तब स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। पुलिस बल ने यातायात सुचारू कराने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों को हाईवे से खदेड़ दिया।
इस अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए NSUI बीकानेर (शहर) के जिलाध्यक्ष हरीराम गोदारा और उनके साथ मोर्चा संभाल रहे आधा दर्जन से ज्यादा प्रमुख छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया।
छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठाए जाने के बाद पुलिस ने हाईवे पर लगा जाम खुलवाया। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से अवरोध हटाकर यातायात को दोबारा सामान्य रूप से बहाल कराया गया। मौके पर एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान और बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से NSUI के छात्र नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
NSUI नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की प्राथमिक पाठशाला हैं और सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का काम कर रही है। संगठन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने छात्रसंघ चुनावों को जल्द से जल्द बहाल करने का फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में बीकानेर संभाग ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान स्तर पर इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
Updated on:
28 Jul 2026 03:04 pm
Published on:
28 Jul 2026 03:04 pm
