राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में कहा की है कि प्रदेश में शिक्षकों के 1.75 लाख रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। सरकार अब तक 72 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और आगामी वर्षों के लिए हजारों नए पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रश्नकाल के दौरान साफ कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पद जल्द से जल्द भरे जाएंगे। सरकार इस काम को लेकर पूरी तरह गंभीर है और तेज गति से काम हो रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पांच साल में 4 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया है। इनमें से करीब 1 लाख 75 हजार पद शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के होंगे। इस घोषणा को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार अब तक 72 हजार पद भर चुकी है। इनमें से कुछ पद पदोन्नति यानी प्रमोशन से भरे गए हैं और कुछ नई भर्ती से। इसके अलावा-
शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक थावर चन्द द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने पूर्व सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली सरकार ने 6,264 स्कूलों को अपग्रेड तो कर दिया, लेकिन उनके लिए एक भी नया पद नहीं बनाया। इसी तरह महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले गए, लेकिन वहां पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई। इसका सीधा नुकसान लाखों बच्चों को उठाना पड़ा, जिनकी पढ़ाई प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के हितों के प्रति संवेदनशील है। यदि किसी प्रकार के बैकलॉग पद शेष हैं तो आगामी भर्तियों में समायोजित कर उन्हें भरने का प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में स्कूल शिक्षा के अंतर्गत संचालित राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के श्रेणीवार एवं विषयवार रिक्त पदों की जानकारी सदन में प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा में प्राध्यापक एवं वरिष्ठ अध्यापक के पद 50 प्रतिशत पदोन्नति तथा 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरे जाते हैं, जबकि प्रारंभिक शिक्षा में अध्यापक लेवल प्रथम एवं द्वितीय (विभिन्न विषय) के 100 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से, प्रचलित सेवा नियमों के प्रावधानों के अंतर्गत भरे जाते हैं।
पदोन्नति के रिक्त पदों को भरने के लिए पदोन्नति कैलेंडर जारी कर समयबद्ध पदोन्नतियां सुनिश्चित की गई हैं। वहीं भर्ती एजेंसियों के माध्यम से पात्र एवं चयनित अभ्यर्थियों के चयन उपरांत सीधी भर्ती के रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी पद रिक्त न रहे और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।