UPSC Result 2025 : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में राजस्थान के 18 युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। जानें इन 7 सफल अभ्यर्थियों की कहानी।
UPSC Result 2025 : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में राजस्थान के कई शहरों और कस्बों के युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। किसी ने लाखों की नौकरी छोड़कर, किसी ने किसान परिवार की पृष्ठभूमि से तो किसी ने लगातार विफलताओं के बाद भी हार न मानते हुए यह मुकाम पाया। उनकी सफलता से गांव-शहरों में जश्न का माहौल है। इन सब की यह उपलब्धि नए सपने देखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
बालोतरा - गौरव चौपड़ा 83, जितेंद प्रजापत 287
कोटा - माधवेन्द्र प्रताप सिंह 153
बूंदी - सौरभ शर्मा 146
बांसवाड़ा - निश्चल जैन 119
श्रीगंगानगर - प्रिंस सेठी 313
जयपुर - वेदांत सिंह धाकड़ 392, संभव पाटनी 608
खैरथल तिजारा - बादल यादव 635, नितिश यादव 237
हनुमानगढ़ - गरिमा शर्मा 460
बीकानेर - नीरज तई 180, अदिति अरोड़ा 351, सुनील सिद्ध 533, नमिता सोनी 557, डा. पुरुषोत्तम झोरड़ 691, हिमांशु वर्मा 779
चित्तौड़गढ़ - आनंद मैत्रेय 858। (चयनित रैंक के साथ)।
अणुनगरी रावतभाटा के डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने इतिहास रचते हुए सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है। अनुज के पिता के.बी. अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर की यूनिट 1 और 2 में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं। अनुज ने एमबीबीएस करने के बाद मेडिकल साइंस सब्जेक्ट से ही यूपीएससी क्रेक किया।
फलोदी के एक साधारण किसान परिवार से आने वाले मयंक पुरोहित ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया 33वीं रैंक हासिल कर आइएएस बनने का सपना साकार किया। खेतों में पिता की मेहनत को देखकर मयंक ने मेहनत और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाया और हर चुनौती को अवसर में बदला। मयंक ने इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए इंडियन फॉरेन सर्विस (आइएफएस) की परीक्षा में ऑल इंडिया सातवीं रैंक हासिल कर देशभर में अपनी पहचान बनाई थी। आखिरकार मयंक ने लक्ष्य को हासिल कर दिखाया है।
सिविल सर्विस परीक्षा 2025 में टोंक निवासी सीए साक्षी जैन ने ऑल इंडिया में 37वीं रैंक प्राप्त कर जिले के साथ अपने परिवार और समाज का नाम गौरवान्वित किया है। साक्षी जैन ने वर्ष 2018 में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया था। तीन बार साक्षात्कार तक पहुंचने के बाद चौथे प्रयास में उन्होंने 37वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार किया।
साक्षी के पिता चेतन कुमार जैन टोंक स्थित डाइट में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता अंजना जैन गृहिणी हैं। सफलता के बाद साक्षी ने बताया कि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए स्वयं पर विश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी है।
हनुमानगढ़ टाउन में नई आबादी निवासी गरिमा शर्मा पुत्री पृथ्वीराज शर्मा का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए हुआ है। गरिमा के चयन से परिजनों में खुशी का माहौल है। गरिमा के पिता पृथ्वीराज शर्मा ने बताया कि परीक्षा के जारी परिणाम में उसका रैंक 460वां आया है।
गरिमा ने माध्यमिक व उमावि परीक्षा हनुमानगढ़ से उत्तीर्ण की है। स्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय से करने के बाद गरिमा ने हनुमानगढ़ रहकर सेल्फ स्टडी की है। उसकी सफलता से घर के लोग काफी खुश नजर आए। गरिमा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही गुरुजनों को दिया है। दूसरे प्रयास में उसको सफलता मिली है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के घोषित परिणामों में कोटा की नॉर्थ एक्स टाउनशिप के निवासी माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने 153वीं रैंक हासिल कर न केवल परिवार का, बल्कि पूरे शहर का मान बढ़ाया है। आइआइटी खड़गपुर से बीटेक करने के बाद माधवेन्द्र एक प्रतिष्ठित कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी कर रहे थे। उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए।
अक्सर छात्र तैयारी के लिए दिल्ली का रुख करते हैं, लेकिन माधवेन्द्र ने कोटा को ही अपनी कर्मस्थली बनाया। माधवेन्द्र के पिता नरेन्द्र प्रताप सिंह रेलवे में सेवारत हैं और माता रेनू सिंह गृहिणी हैं।
सिविल सेवा परीक्षा 2025 में चित्तौड़गढ़ के चित्तौड़ दुर्ग निवासी आनंद मैत्रेय ने 858वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने चौथे प्रयास में सफलता प्राप्त की है। वे वर्तमान में इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च पूना में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है।
आनंद के पिता देवीलाल बलाई आईआरएएस है। चित्तौड़ में इनका पुश्तैनी मकान और खेतीबाड़ी है, वर्तमान में पूरा परिवार जयपुर में शिफ्ट हो गया है। उन्होंने अपनी सफलता श्रेय भगवान और माता-पिता को दिया है।
यूपीएससी सिविल सर्विस-2025 में बूंदी निवासी सौरभ शर्मा ने ऑल इंडिया में 146वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। तीसरे प्रयास में आइएएस परीक्षा पास कर सौरभ ने अपने सपने को साकार किया। वर्तमान में सौरभ अहमदाबाद में अकाउंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।
उनके पिता मिलिंद कुमार शर्मा प्रोफेसर तथा माता कुमुद शर्मा सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। दोनों जोधपुर में कार्यरत हैं। वहीं दादा दिनेश कुमार भूतिया अधिवक्ता हैं। सौरभ की स्कूल व कॉलेज शिक्षा जोधपुर में ही हुई है। आइएएस बनने के अपने लक्ष्य के लिए सौरभ पिछले करीब 10 वर्षों से प्रतिदिन 15 घंटे तक नियमित अध्ययन करते रहे।