
News Year Party Idea: नए साल के स्वागत के लिए अगर आप इस बार कुछ हटकर प्लान कर रहे हैं, तो राजस्थान का सांभर महोत्सव 2025 आपकी लिस्ट में टॉप पर होना चाहिए। जयपुर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के साझा सहयोग से 27 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलने वाला यह उत्सव, राजस्थान की समृद्ध विरासत और प्रकृति का बेजोड़ संगम साबित होगा। यह आयोजन उन लोगों के लिए खास महत्व रखता है जो लोक-संस्कृति को समझना चाहते हैं और नेचर उनको पसंद है। शोर-शराबे और कोलाहल से दूर इस आयोजन में इस बार बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं, ऐसा आयोजकों का मानना है।
सांभर झील को अक्सर राजस्थान का सफेद रेगिस्तान, कहा जाता है। दूर.दराज तक फैली नमक की सफेद परतें और उन पर पड़ती सुनहरी धूप सैलानियों को एक अलग ही दुनिया में ले जाती है। जयपुर से मात्र 70 से 80 किमी की दूरी पर स्थित यह झील इस महोत्सव के दौरान रोशनी और लोक संगीत से सराबोर रहेगी। 2025 की विदाई और 2026 के स्वागत के लिए यहां खास आयोजन किए जा रहे हैं। सबसे बड़ी बात है कि इन आयोजनों में एंट्री फ्री है। यानी झील निहारने और नेचर को महसूस करने का कोई पैसा नहीं देना होगा। हालांकि वहां होने वाले अन्य आयोजन बाइक रेसिंग, पेरासेलिंग समेत अन्य इवेंट का शुल्क देय है।
सांभर महोत्सव सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि जीने के लिए है। महोत्सव के मुख्य आकर्षण कुछ इस प्रकार हैं। नमक की सतह पर राइडिंग, पैरासेलिंग और बाइक रेसिंग जैसे खेलों का रोमांच यहां ले सकते हैं। सर्दियों का मौसम होने के कारण यहाँ हजारों की तादाद में फ्लेमिंगो यानी राजहंस और पेलिकन पक्षी देखे जा सकते हैं, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। रेगिस्तान की रातों में लोक कलाकारों की प्रस्तुति और ऊंट की सवारी का आनंद भी लिया जा सकता है।
सांभर अपनी खास नमकीन चाय के लिए मशहूर है, जिसे चखे बिना आपकी यात्रा अधूरी मानी जाएगी। इसके साथ ही यहां के स्थानीय बाजारों में आपको शुद्ध हस्तशिल्प और पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। यहां आप खरीदारी भी कर सकते हैं।
जयपुर राजधानी होने के कारण देश के हर बड़े शहर से जुड़ी है। जयपुर से आप अपनी गाड़ी या टैक्सी के जरिए महज 2 घंटे में सांभर पहुंच सकते हैं। रेल यात्रियों के लिए सांभर साल्ट लेक, रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक विकल्प है। 27 से 31 दिसम्बर तक चलने वाले इस खास आयोजन में आखिरी दिन आतिशबाजी और म्यूजिक नाइट्स इस पूरे आयोजन को खास बना देंगी। यह आयोजन मनाली या गोवा की भीड़भाड़ से कहीं बेहतर और शांत विकल्प बन सकता है।