जयपुर

Rajasthan Tourism: महाराणा प्रताप सर्किट, तनोट माता मंदिर और पूंछरी का लौठा को लेकर लिया यह निर्णय

Tannot Mata Temple: महाराणा प्रताप सर्किट, तनोट माता मंदिर और पूंछरी का लौठा के कार्यों में तेजी के निर्देश, ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के लिए बनेगा विशेष प्रकोष्ठ ।
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Oct 31, 2025
Maharana Pratap Jayanti Today Vasudev Devnani Said Maharana Pratap was an unmatched example of self-respect and patriotism
महाराणा प्रताप (फाइल फोटो-पत्रिका)

Maharana Pratap tourist circuit: जयपुर। राज्य सरकार विकास के साथ-साथ राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए दृढ़ संकल्पित है। आस्था धामों और पर्यटन स्थलों के विकास से न केवल प्रदेश की धार्मिक पहचान सशक्त होगी, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास एवं पुनर्विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, पूंछरी का लौठा और तनोट माता मंदिर के विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार 100 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित कर रही है। इसमें चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर और उदयपुर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया गया है।

उन्होंने चावंड में महाराणा प्रताप के समाधि स्थल को सुव्यवस्थित रूप से विकसित करने और हल्दीघाटी में उनके स्वामीभक्त घोड़े चेतक के विशाल स्मारक के निर्माण की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। शर्मा ने कहा कि यह स्मारक राजस्थान के वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक बनेगा।

जैसलमेर स्थित तनोट माता मंदिर के पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के ठहरने, धर्मशालाओं और संपर्क सड़कों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तनोट माता मंदिर देश की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां आने वाले भक्तों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलनी चाहिए।

इसी प्रकार, पूंछरी का लौठा और गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने और योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।

बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और निर्माण के लिए राज्य में विशेष प्रकोष्ठ बनाया जाएगा, ताकि राजस्थान की गौरवशाली धरोहर सदैव संरक्षित रह सके।

Published on:
31 Oct 2025 12:31 pm