दिनभर के प्रदर्शन के बाद रात को अम्बेडकर छात्रावास के बाहर छात्रों ने फिर से विरोध शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि उन्हें बिना सूचना के मैस बंद कर दी गई, जिससे सैकड़ों छात्र भोजन से वंचित हो गए।
राजस्थान यूनिवर्सिटी में गुरुवार को छात्रावासों की मैस बंद होने के चलते छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने सुबह यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित कुलगुरु सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने सचिवालय के अंदर जाने की कोशिश की, जिससे कर्मचारियों और छात्रों के बीच कहासुनी और तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाल लिया लेकिन छात्रों का विरोध थमा नहीं।
दिनभर के प्रदर्शन के बाद रात को अम्बेडकर छात्रावास के बाहर छात्रों ने फिर से विरोध शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि उन्हें बिना सूचना के मैस बंद कर दी गई, जिससे सैकड़ों छात्र भोजन से वंचित हो गए। जैसे ही वार्डन और अन्य अधिकारी स्थिति का जायजा लेने छात्रावास पहुंचे, छात्रों ने गेट पर ताला लगाकर तालाबंदी कर दी और नारेबाजी शुरू कर दी। यह विरोध देर रात तक चलता रहा।
हंगामे की मुख्य वजह विश्वविद्यालय में चल रही संविदा कर्मचारियों की हड़ताल है। यूनिवर्सिटी के कई विभागों और छात्रावासों में कार्यरत संविदा कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे यूनिवर्सिटी का रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है। सबसे ज्यादा असर छात्रावासों में देखने को मिल रहा है, जहां मैस सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं।