जयपुर

Rajasthan Weather: राजस्थान में मौसम को लेकर बड़ी खबर, 6 अप्रैल को इन जिलों में बारिश और ​ओले गिरने की चेतावनी जारी

राजस्थान में मौसम के मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाले हैं।
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Apr 05, 2026
PATRIKA PHOTO

राजस्थान में मौसम के मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाले हैं। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद आज मामूली राहत की उम्मीद है। लेकिन कल यानी 6 अप्रैल से राज्य में एक नया और 'स्ट्रॉन्ग' वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 8 अप्रैल तक बना रहेगा। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए 13 जिलों में आंधी-बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है।

पारा 6 डिग्री तक लुढ़का

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। शनिवार को सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ में 35.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि अन्य शहरों में दिन में ही ठंडक का अहसास होने लगा। जयपुर में शनिवार दोपहर को आई तेज आंधी के कारण हीदा की मोरी इलाके में एक सदी पुराना पेड़ गिर गया, जिससे वाहनों को नुकसान पहुँचा।

कल 4 जिलों में ऑरेंज और 9 में यलो अलर्ट?

6 अप्रैल को आने वाले नए सिस्टम को देखते हुए विभाग ने सुरक्षा चेतावनी जारी की है। बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, पाली, अजमेर और जालोर में तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। प्रशासन ने किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है, क्योंकि उदयपुर के कोटड़ा में 32 मिमी से ज्यादा बारिश ने पहले ही फसलों को नुकसान पहुँचाया है।

दोपहर बाद ही क्यों बरस रहे हैं ओले?

मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने के बाद आंधी और बारिश की गतिविधियां अक्सर दोपहर बाद ही शुरू होती हैं। इसका मुख्य कारण दिन में बढ़ता तापमान है। दोपहर तक सूरज की गर्मी वातावरण को ऊर्जा प्रदान करती है, जिससे सिस्टम और अधिक ताकतवर हो जाता है और तेज गर्जना के साथ ओलावृष्टि शुरू हो जाती है।

मार्च-अप्रैल में बेमौसम बारिश की क्या है वजह?

मौसम विशेषज्ञों के लिए इस बार का पैटर्न असामान्य है। आमतौर पर मार्च-अप्रैल में इतने सक्रिय विक्षोभ नहीं बनते, जो उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों को प्रभावित करें। इस बार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों तरफ से पर्याप्त नमी मिल रही है। नमी और गर्मी के इस मेल ने सिस्टम को इतना मजबूत बना दिया है कि दौसा जैसे इलाकों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई है।

Updated on:
05 Apr 2026 12:47 pm
Published on:
05 Apr 2026 12:47 pm