
Heavy Rain And Storm Alert In Rajasthan: राजस्थान में सूरज की तपिश और आसमान से बरसती आग के बीच अब मौसम विभाग ने एक साथ 'डबल अटैक' की चेतावनी जारी की है। प्रदेश में एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिमी जिले भीषण लू (Heatwave) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर और पूर्वी राजस्थान में मौसम का मिजाज पूरी तरह पलटने वाला है। 2 मई से प्रदेश में झमाझम बारिश और अंधड़ का ऐसा दौर शुरू होगा, जो झुलसाती गर्मी से राहत की बड़ी उम्मीद लेकर आ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय आसमान में बादलों और हवाओं का एक जटिल चक्रव्यूह बना हुआ है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (WD): उत्तर पाकिस्तान और कश्मीर के ऊपर समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती तंत्र सक्रिय है।
इंड्यूस्ड सर्कुलेशन: पंजाब और आसपास के इलाकों पर 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक प्रेरित चक्रवाती तंत्र बना हुआ है।
राजस्थान पर दबाव: दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक हवाओं का घेरा विकसित हुआ है।
ट्रफ लाइन: उत्तर पंजाब से दक्षिण-पश्चिम राजस्थान तक एक 'ट्रफ' लाइन गुजर रही है, जो नमी को खींच रही है।
आज भी प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों (खासकर बाड़मेर, जैसलमेर और जालौर) में हीटवेव का सितम जारी रहेगा। हालांकि, राहत की खबर यह है कि बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन से आज दोपहर बाद राजस्थान के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ धूलभरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी तपती जमीन को थोड़ी ठंडक पहुंचाएगी।
आईएमडी (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 02 मई 2026 से हिमालयी क्षेत्रों में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इसका सीधा असर राजस्थान पर पड़ेगा। मई के पहले हफ्ते में मौसम का 'डबल रोल' देखने को मिलेगा—दोपहर तक पसीने छुड़ाने वाली गर्मी और शाम होते ही गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आगामी 3-4 दिनों के दौरान प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी जिलों (श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, अलवर और जयपुर संभाग) में मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। वहीं, उत्तर प्रदेश से लेकर नगालैंड तक फैली एक अन्य ट्रफ लाइन के कारण पूर्वी राजस्थान में नमी की मात्रा बढ़ेगी, जिससे प्री-मानसून जैसी गतिविधियों में तेजी आएगी।
तेज हवाएं: आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
फसल सुरक्षा: कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।
गर्मी से बचाव: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच लू से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करें।
राजस्थान में अगले एक हफ्ते तक 'कभी धूप, कभी छांव' का खेल चलेगा। पारा गिरेगा जरूर, लेकिन आंधी और बिजली चमकने की घटनाओं को लेकर प्रशासन ने अलर्ट रहने को कहा है।