
लिफ्ट में फंसी गर्दन, कांस्टेबल की सूझबूझ से बची कारीगर की जान। फोटो पत्रिका
Jaipur News : जयपुर के माणक चौक इलाके में मंगलवार को एक हादसा कांस्टेबल की तत्परता से टल गया। मणिराम जी की कोठी में लिफ्ट ठीक करते समय एक कारीगर की गर्दन लिफ्ट के बीच फंस गई। मौत के करीब पहुंच चुके इस कारीगर के लिए ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल प्रधान चौधरी 'देवदूत' बनकर पहुंचे और करीब पौन घंटे तक उसे अपने कंधे का सहारा देकर सुरक्षित बाहर निकलवाया।
जानकारी के अनुसार, कारीगर साहिल लिफ्ट रिपेयरिंग का काम कर रहा था, तभी अचानक उसकी गर्दन लिफ्ट के ढांचे में फंस गई। सूचना मिलते ही हेल्पलाइन 112 की गाड़ी पर तैनात कांस्टेबल प्रधान चौधरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि साहिल हवा में लटका हुआ है और यदि उसके पैर जमीन की ओर खिंचते, तो गर्दन टूटने खतरा था। प्रधान ने तुरंत साहिल को अपने कंधों पर उठा लिया ताकि उसकी गर्दन पर पड़ रहा दबाव कम हो सके।
हैरानी की बात यह रही कि मौके पर भीड़ तो जमा थी, लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। कांस्टेबल प्रधान ने करीब 45 मिनट तक साहिल को कंधे पर उठाए रखा। इस दौरान उन्होंने अपने परिचित एक अन्य लिफ्ट मैकेनिक को फोन कर मौके पर बुलाया। मैकेनिक के आने के बाद साहिल को सुरक्षित बाहर निकाला गया। साहिल को तुरंत एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां अब उसकी स्थिति पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि कांस्टेबल प्रधान चौधरी उस समय तुरंत मदद नहीं पहुंचते तो स्थिति बहुत गंभीर हो सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वर्दी में कितनी बड़ी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता होती है। कांस्टेबल प्रधान चौधरी ने न सिर्फ अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि एक इंसान के रूप में भी अपनी मानवता का परिचय दिया। स्थानीय लोग उनकी इस बहादुरी की सराहना कर रहे है।
माणक चौक जैसे व्यस्त इलाके में ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई जानी-पहचानी चूक या लापरवाही के कारण दुर्घटना गंभीर रूप ले लेती है। इस बार कांस्टेबल की सतर्कता ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। साहिल अब स्वस्थ होने पर अपने परिवार के साथ है और वह कांस्टेबल प्रधान चौधरी को अपना जीवन बचाने वाला देवदूत मान रहा है। यह घटना पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है।
Updated on:
01 May 2026 07:25 am
Published on:
01 May 2026 07:24 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
