जयपुर

राजस्थान में MSP पर गेहूं खरीद आज से, किसान नहीं दिखा रहे रुचि, जानें क्यों

Rajasthan News : राजस्थान में MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर आज सोमवार यानि 10 मार्च से गेहूं खरीद शुरू होगी। पर प्रदेश के किसानों की रुचि सरकार को गेहूं बेचने में कम दिख रही है। जानें क्या है वजह? राज्य में 20 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का रखा गया है लक्ष्य।

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Rajasthan Wheat Purchase at MSP Starts Today Farmers are not Showing Interest know why

Rajasthan News : राजस्थान में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद सोमवार से शुरू होगी। हालांकि खरीद को लेकर किसानों में रुचि कम दिख रही है। इसकी वजह मंडियों में गेहूं का भाव 2850 रुपए प्रति क्विटंल के आसपास चल रहा है, जबकि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद 2575 रुपए क्विटंल पर होगी।

राजस्थान सरकार 150 रुपए प्रति क्विंटल दे रही है बोनस

एमएसपी 2425 रुपए प्रति क्विंटल के साथ राजस्थान सरकार की ओर से 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। गेहूं की गुणवत्ता को लेकर कुछ शर्तें भी परेशानी का कारण बन रही हैं। भारतीय खाद्य निगम का दावा है कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में गेहूं बेचने के 48 घंटों के भीतर कर दिया जाएगा। सरकार ने इस बार 318 खरीद केन्द्रों पर 20 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है।

मंडियों में भाव एमएसपी से ज्यादा - रामपाल जाट

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने बताया कि मंडियों में नए गेहूं का औसत भाव 2850 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। जो एमएसपी से ज्यादा है। ऐसे में सरकारी खरीद केन्द्रों के प्रति किसानों का रुझान नहीं है। सरकार को पहले सरसों की खरीद शुरू करनी चाहिए थे, क्योंकि सरसों की उपज बाजार में सबसे पहले आती है।

इस बार गेहूं का उत्पादन ज्यादा

गेहूं का उत्पादन पिछले वित्तीय वर्ष में 120.17 लाख टन की तुलना में इस बार 121.68 लाख टन होने का अनुमान है।

किस संभाग में कितने खरीद केन्द्र

अजमेर - 16
भरतपुर - 26
जयपुर - 26
कोटा - 87
उदयपुर - 27
बीकानेर - 129
जोधपुर - 7

यहां करा सकते हैं पंजीयन

किसान उपज बेचने के लिए https://food.rajasthan.gov.in/ पर 24 घंटे ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। पंजीकरण 25 जून तक होंगे।

ये शर्तें हैं

1- आर्जीमोन मेक्सिकाना और लैथिरस सैटिवस (खेसारी) के अंश नहीं होने चाहिए।
2- विदेशी पदार्थ 0.75 प्रतिशत, अन्य खाद्यान्न 2 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त दाने 2 प्रतिशत, हल्के क्षतिग्रस्त दाने 4 प्रतिशत, सूखे व टूटे दाने 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए।
3- विषैले खरपतवार बीज अधिकतम 0.4 प्रतिशत, जिसमें धतूरा 0.025 प्रतिशत और अकरा 0.2 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।

Published on:
10 Mar 2025 08:11 am