
जयपुर। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली से दूरी बनाना राजस्थान युवा कांग्रेस के 43 पदाधिकारियों को भारी पड़ गया है। संगठन ने अनुशासनहीनता और संगठनात्मक निर्देशों की अनदेखी के मामले में 12 जिलाध्यक्षों सहित 31 प्रदेश पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें बीकानेर के ग्रामीण और शहर दोनों जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। सभी को आगामी आदेश तक संगठन के पदों से निलंबित किया गया है।
1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित रैली में अधिक से अधिक संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से प्रदेश संगठन को स्पष्ट संदेश दिया गया था। राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी प्रदेश दौरे के दौरान नेताओं को रैली में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद संबंधित पदाधिकारियों के दिल्ली नहीं पहुंचने को संगठन ने गंभीरता से लिया।
युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी महासचिव विकास चिकारा और सह प्रभारी ज्ञानेश शुक्ला की ओर से जारी निलंबन आदेश में 12 जिलाध्यक्षों के नाम शामिल हैं। इनमें राजसमंद के चिराग पालीवाल, जालोर के विकास मंजू, बीकानेर के राजेश गोदारा, बारां के रामेश्वर बैरवा, बांसवाड़ा के पृथ्वीराज मालवीय, डूंगरपुर के अरविंद यादव, बीकानेर शहर के रामदयाल बेनीवाल, प्रतापगढ़ के मोहम्मद शकील, बालोतरा के सुरेश माली, डीग के हसन खान, चूरू के आसिफ खान और ब्यावर के प्रवीण सिखवाल शामिल हैं।
इस कार्रवाई में बीकानेर जिले के दोनों युवा कांग्रेस जिलाध्यक्षों का निलंबन खास चर्चा में है। एक ही जिले की ग्रामीण और शहर इकाई के अध्यक्षों पर कार्रवाई से संगठन में हलचल बढ़ गई है।
जिलाध्यक्षों के अलावा 20 प्रदेश सचिव और 11 अन्य प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। इनमें प्रदेश महामंत्री प्रकाश चंद मीणा, सद्दाम हुसैन, फैजान हसन कुरैशी, जफर हुसैन मीर, सलमा पिनारा, रामफूल धाकड़, गणेश देवासी, ठाकुर बिश्नोई, मंजुला देसाई, अर्जुन सिंह और दीपक मेघवाल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।
युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी विकास चिकारा के अनुसार, राष्ट्रीय नेतृत्व ने रैली में शामिल होने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने भी जयपुर में बैठक कर पदाधिकारियों को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा था। इसके बावजूद संबंधित पदाधिकारी रैली में शामिल नहीं हुए और कोई उचित कारण भी नहीं बताया। इसी आधार पर राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।
खास बात यह है कि युवा कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों के चुनाव पिछले महीने ही संपन्न हुए थे। ऐसे में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों पर हुई इस कार्रवाई से संगठन के भीतर हलचल मच गई है।