जयपुर

Rajya Sabha Chunav: सतीश पूनिया, अलका गुर्जर और नीरज डांगी का राज्यसभा सांसद बनना तय, जांच में सही पाए गए नामांकन

Rajya Sabha Election: राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए भाजपा की अलका गुर्जर और सतीश पूनिया तथा कांग्रेस के नीरज डांगी के सभी नामांकन पत्र जांच में सही पाए गए हैं। अब नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों के निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की जाएगी।

2 min read
Jun 09, 2026
Rajasthan Rajya Sabha elections
नीरज डांगी, अलका गुर्जर और सतीश पूनिया। फाइल फोटो- पत्रिका

जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में तीन प्रत्याशियों की ओर से भरे गए सभी नौ नामांकन पत्र सही पाए गए हैं। चुनाव अधिकारी भारत भूषण शर्मा ने बताया कि इस चुनाव के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की मंगलवार को जांच की गई, जिसमें सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। शर्मा ने बताया कि कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी के तीन, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी अलका गुर्जर के दो तथा भाजपा उम्मीदवार सतीश पूनिया के चार नामांकन पत्रों की अभ्यर्थियों, प्रस्तावकों और निर्वाचन अभिकर्ताओं की मौजूदगी में बारीकी से जांच की गई।

यह वीडियो भी देखें

यह प्रक्रिया जांच पर्यवेक्षक एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन की उपस्थिति में संपन्न हुई। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नामांकन पत्रों की जांच की वीडियोग्राफी भी कराई गई। राज्यसभा चुनाव के लिए नाम वापसी की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि इन तीनों सीटों के लिए केवल तीन उम्मीदवारों ने ही नामांकन पत्र दाखिल किए हैं और उनके सभी नामांकन पत्र सही पाए गए हैं। अब नाम वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद तीनों उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की जाएगी।

अलका गुर्जर ने सरकारी सेवा छोड़ चुनी राजनीति

टोंक जिले के मालपुरा में 21 फरवरी 1961 को जन्मीं अलका गुर्जर उच्च शिक्षा प्राप्त राजनेता हैं। उन्होंने एमए, एलएलएम और पीएचडी जैसी डिग्रियां हासिल की हैं। उनका चयन राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के लिए हुआ था और उन्होंने प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया था, लेकिन सरकारी नौकरी शुरू करने के बजाय उन्होंने जनसेवा और राजनीति को चुना। उनका परिवार लंबे समय से भाजपा से जुड़ा रहा है। उनके पति डॉ. नाथू सिंह गुर्जर राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और भाजपा संगठन में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

संघ और छात्र राजनीति से निकले सतीश पूनिया

20 सितम्बर 1964 को चूरू जिले की सादुलपुर तहसील में जन्मे सतीश पूनिया पूर्व प्रधान सुभाषचंद्र पूनिया के पुत्र हैं। उन्होंने कानून की पढ़ाई करने के बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से भूगोल में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। विद्यार्थी परिषद और संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े पूनिया वर्ष 1982 से 1992 तक एबीवीपी में विभिन्न पदों पर सक्रिय रहे। वर्ष 1989 में वे राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महासचिव बने। इसके बाद उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा में प्रदेश महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वर्ष 2000 से 2004 तक वे पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पंजाब के प्रभारी भी रहे।

नीरज डांगी : इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर

4 नवंबर 1970 को जयपुर में जन्मे नीरज डांगी एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय दिनेश राय डांगी राजस्थान सरकार में राज्य मंत्री रह चुके थे और दलित समाज के उत्थान के लिए जाने जाते थे। पारिवारिक प्रेरणा से नीरज डांगी ने छात्र जीवन में ही सार्वजनिक जीवन में सक्रियता शुरू कर दी थी।

उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कर्नाटक (सुरथकल) से सिविल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ प्राप्त की। तकनीकी शिक्षा हासिल करने के बावजूद उन्होंने राजनीति को अपना कार्यक्षेत्र बनाया। वर्ष 2002 में वे राजस्थान यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने और वर्ष 2004 से 2009 तक संगठन के प्रदेशाध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

Published on:
09 Jun 2026 04:05 pm