जयपुर

रामगढ़ बांध जीर्णोद्धार आखिर कब! बारिश से पहले बहाव क्षेत्र का सर्वे नहीं

Ramgarh Dam: जयपुर के रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में मानसून से पहले होने वाला सर्वे अब तक नहीं हुआ है। इससे अवैध अतिक्रमण और खनन पर निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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Updated: 16 Jul 2026, 10:40 AM IST
Ramgarh Dam Catchment Survey
शाहपुरा क्षेत्र में माधोवेणी नदी के बहाव क्षेत्र में बनी सड़क (Photo-Patrika)

Ramgarh Dam Catchment Survey: जयपुर के रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। नियमों के अनुसार, हर साल मानसून शुरू होने से पहले जल संसाधन, खनिज, वन, जलदाय और ग्रामीण विकास विभाग को मिलकर पूरे बहाव क्षेत्र का सर्वे करना होता है। इस सर्वे में देखा जाता है कि कहीं अवैध निर्माण, अतिक्रमण या अवैध खनन तो नहीं हो रहा। लेकिन इस बार अब तक सर्वे ही नहीं किया गया। सर्वे नहीं होने की वजह से इसकी रिपोर्ट भी तैयार नहीं हो सकी और इसी वजह से हाईकोर्ट के आदेश पर बनाई गई मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक भी अब तक नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्वे नहीं होने से रामगढ़ बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर निगरानी कमजोर पड़ गई है। ऐसे में रोड़ा व माधोवेणी नदी में अवैध मिट्टी खनन और नए अतिक्रमण तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन जिम्मेदार चुप हैं।

त्रिवेणी और रोड़ा नदी के बहाव क्षेत्र में भी बढ़ रहीं गड़बड़ियां

रामगढ़ बांध तक पानी पहुंचाने वाली रोड़ा और त्रिवेणी नदी के बहाव क्षेत्र में भी अवैध गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। रोड़ा नदी के कई हिस्सों में अवैध तरीके से मिट्टी का खनन किया जा रहा है, जिससे नदी के प्राकृतिक बहाव पर असर पड़ने की आशंका है। वहीं जयपुर ग्रामीण के शाहपुरा इलाके में माधोवेणी नदी के बहाव क्षेत्र में भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हर साल मानसून से पहले तय नियमों के अनुसार सर्वे कराया जाए, तो नए अवैध निर्माण, अतिक्रमण और खनन की पहचान समय रहते हो सकती है। इससे जिम्मेदार विभाग तुरंत कार्रवाई भी कर सकते हैं। लेकिन इस बार सर्वे नहीं होने की वजह से रामगढ़ बांध के जलग्रहण क्षेत्र की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं और अवैध गतिविधियों पर नजर रखना भी मुश्किल हो गया है।

जिसकी संपत्ति, उसे ही चिंता नहीं

नदी, नाले, बांध और दूसरे जल स्रोतों की देखरेख की जिम्मेदारी जल संसाधन विभाग की होती है। रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने के लिए बनाई गई मॉनिटरिंग कमेटी में भी जल संसाधन विभाग के जयपुर अधिशासी अभियंता को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके बावजूद अब तक न तो सर्वे कराया गया, न रिपोर्ट तैयार हुई और न ही कमेटी की बैठक बुलाई गई। नियमों के अनुसार सदस्य सचिव की जिम्मेदारी होती है कि सभी संबंधित विभागों से जानकारी जुटाकर अवैध खनन और अतिक्रमण की पूरी रिपोर्ट तैयार करें और उसे जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी के सामने रखें।

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16 Jul 2026, 10:40 AM IST
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