
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के आगामी चुनावों से ठीक पहले राजधानी जयपुर के खेल और राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अपने पद से उम्मीदवारी वापस ले ली है। इस बड़े फैसले के बाद अब आरसीए के चुनाव समीकरण पूरी तरह बदलते हुए नजर आ रहे हैं। पराक्रम राठौड़ के इस कदम के बाद अब क्रिकेट संघ की नई कार्यकारिणी के निर्विरोध निर्वाचन की प्रबल संभावनाएं बनती दिख रही हैं, जिससे राज्य के खेल हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
नाम वापस लेने के बाद मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखते हुए पराक्रम सिंह राठौड़ ने स्पष्ट किया कि उनके मूल पैनल के पास कुल 32 मतों का स्पष्ट बहुमत था और वे चुनाव जीतने की स्थिति में थे। हालांकि, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश और फैसले का सम्मान करते हुए उन्होंने मैदान से हटने का निर्णय लिया।
पराक्रम सिंह ने बताया, "हमने एक मजबूत पैनल बनाया था और मैं अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहा था। हमारे पास पर्याप्त समर्थन और बहुमत था, लेकिन पार्टी के फैसले के बाद मैंने अपना नामांकन वापस ले लिया है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा भरे गए कुछ नामांकन केवल 'डमी कैंडिडेट' के रूप में थे, ताकि मुख्य उम्मीदवार का फॉर्म किसी तकनीकी कारण से खारिज होने की स्थिति में पैनल का प्रतिनिधित्व सुरक्षित बना रहे।
पराक्रम सिंह राठौड़ ने अपने विरोधी खेमे या उम्मीदवारों पर कोई कड़वाहट न दिखाते हुए बृजकिशोर उपाध्याय को अपना भाई बताया। उन्होंने कहा कि वे क्रिकेट के शुरुआती दौर से ही एक-साथ मिलकर काम करते रहे हैं। पार्टी के निर्देश और आपसी सहमति के बाद उन्होंने बृजकिशोर उपाध्याय के समर्थन में अपना नाम वापस लेने का फैसला किया, जिससे वे किसी भी प्रकार की आंतरिक बगावत या विवाद से भी सफलतापूर्वक बच गए।
इस बड़े घटनाक्रम के तहत केवल अध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि पराक्रम सिंह राठौड़ के पूरे पैनल ने मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। नाम वापसी की इस प्रक्रिया के दौरान पदों पर भी बदलाव देखने को मिले:
उपाध्यक्ष पद से मनोज चौधरी ने अपना नाम वापस ले लिया है।
कोषाध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे राजेश कुमार माथुर ने भी उम्मीदवारी वापस ले ली है।
इसके अलावा उपाध्यक्ष पद के अन्य दावेदार पवन दिलावर (मंत्री मदन दिलावर के बेटे) ने भी अपना नाम वापस ले लिया है।
इन तमाम बड़े नामों के पीछे हटने के बाद अब 29 September को होने वाले मतदान से पहले ही RCA की नई कार्यकारिणी के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। खेल प्रेमियों और प्रशासनिक जानकारों की निगाहें अब अंतिम परिणामों पर टिकी हुई हैं।
29 सितंबर (कल): आरसीए की 6 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए सुबह 11:00 बजे से मतदान होगा। इस चुनाव में कुल 38 मतदाता (जिला क्रिकेट संघों के सचिव, कन्वीनर और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी) अपने वोट डालेंगे। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद कल ही इसके परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।