
जयपुर. कोलकाता में रेजिडेंट की बलात्कार के बाद हत्या के विरोध में प्रदेश में रेजिडेंट डॉक्टरों के चार दिन से चल रहे कार्य बहिष्कार के बाद अब निजी अस्पतालों व क्लीनिकों के चिकित्सक भी विरोध पर उतर आए हैं। शनिवार को प्रदेश भर में निजी चिकित्सा सेवाओं को ठप करने का दावा किया गया है। जिसमें आउटडोर के साथ इमरजेंसी सेवा, ऑपरेशन भी बंद रखे जाएंगे। सेवारत चिकित्सकों की जॉइंट एक्शन कमेटी और राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने भी प्रातः 8 से 10 बजे तक दो घंटे के कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। पहले से चल रहे रेजिडेंट डॉक्टरों के बहिष्कार के बाद अब आंदोलन तेज होने से शनिवार को मरीजों और उनके परिजनों को धक्के खाने पड़ सकते हैं।
सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं एवं अन्य आवश्यक बेसिक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति में आवश्यक जानकारी एवं सेवाओं के लिए आमजन कंट्रोल रूम नंबर 0141-2225624 और 0141-2225000 पर संपर्क कर सकेंगे।
सवाई मानसिंह अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। कोटा के मेडिकल कॉलेज में करीब 50 ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। राजधानी जयपुर के जयपुरिया अस्पताल में भी ओपीडी बहिष्कार का असर देखने को मिला। रेजिडेंट के भरोसे होने वाली जांचें भी प्रभावित हुई।