लोग कह रहे हैं एक तो यहां पहले से ही दो मोबाइल टॉवर लगे हुए हैं, तीसरा लगने से रेडिएशन का खतरा बढ़ जाएगा। जेडीए का दोहरा रवैया...
राजधानी में लोग रिहायशी इलाकों में मोबाइल टावर लगवाने के खिलाफ हैं, क्योंकि इनसे रेडिएशन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, कर्मचारियों ने जेडीए की एनओसी दिखाते हुए कहा है कि ये रही परमीशन...
शहीद अमित भारद्वाज मार्ग पर लगाए जा रहे टावर
मालवीयनगर सेक्टर-8 स्थित शहीद अमित भारद्वाज मार्ग पर लगाए जा रहे मोबाइल टावर के विरोध में स्थानीय जनता एक जुट हो गई। लोगों ने जेडीए और अन्य संभावित विभाग में शिकायत की लेकिन फिर भी टॉवर लगाने का काम चलता रहा।
स्थानीय निवासी डॉ. पीडी चौधरी एक निजी मोबाइल कम्पनी की ओर से जयश्री नगर के एण्ट्री गेट पर एक निजी कम्पनी की ओर से टॉवर लगाने कर्मचारी आए। उन्होंने रोका तो कर्मचारियों ने जेडीए की एनओसी दिखाई। जबकि क्षेत्र में पहले से ही दो मोबाइल टॉवर लगे हुए हैं। ऐसे में तीसरा मोबाइल टॉवर लगने से क्षेत्र में रेडिएशन का खतरा बढ़ जाएगा।
डॉ. चौधरी ने बताया कि जेडीए के जोन आयुक्त और नोडल अधिकारी से इस बारे में शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने कहा कि अभी टॉवर लग जाने दें। बाद में दूसरी जगह चिह्नित करके बाद में वहां पर टॉवर को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
आक्रोशित लोगों का कहना है कि जेडीसी से शिकायत करेंगे। फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इधर, मोबाइल कम्पनी के एससीओ भरत सिंह ने कहा कि अनुमति मिलने के बाद ही टॉवर को लगाया जा रहा है। हालांकि, यह साफ नजर आ रहा है कि जो जेडीए शहर में रेडिएशन नहीं पनपने देने के वादे करता है, वहीं अधिकारी ऐसे टावर लगाने की छूट भी दे रहे हैं।