
RIICO Changes Rules : रीको ने बदला नियम। रीको अब सुविधाओं के लिए बिजली कंपनियों को एक रुपए टोकन राशि पर जमीन नहीं देगा। नई व्यवस्था के तहत अब ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) के लिए बिजली वितरण एवं प्रसारण कंपनियों को औद्योगिक क्षेत्र की मौजूदा दर पर ही भूमि आवंटित की जाएगी। इसके साथ ही इन्हें 10 साल का एकमुश्त इकोनॉमिक रेंट (आर्थिक किराया) भी देना होगा। रीको की इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कमेटी ने यह निर्णय किया है।
ऐसे में बिजली कंपनियों को औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी सुविधाएं तैयार करना अब महंगा पड़ेगा। कंपनी अपने सभी खर्चे टैरिफ में जोड़ती है, जिसका इफेक्ट बिजली दर में आता रहा है।
रीको इसलिए भी टोकन राशि पर जमीन देती रही है, क्योंकि वहां जीएसएस का निर्माण बिजली कंपनी अपने खर्चे पर करती है। संभवतया अब बिजली कंपनी रीको से भी हिस्सा राशि ले सकती है। वहीं, दूसरी सुविधाओं के लिए जमीन चाहने वाले अन्य विभागों पर भी यह लागू होगा, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया।
220 केवी 60 हजार वर्गमी.।
132 केवी 35 हजार वर्गमी.।
33 केवी ०3 हजार वर्गमी.।