
Rising Rajasthan : राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के तहत राज्य सरकार ने देश-विदेश के निवेशकों के साथ 45.22 लाख करोड़ रुपए के 22,299 एमओयू किए हैं। इनमें से अब तक केवल 3,895 परियोजनाओं पर ही ग्राउंड ब्रेकिंग शुरू हो सकी है। हालांकि सरकार इसे निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव अभी विभिन्न स्तरों पर लंबित है। यह जानकारी उद्योग मंत्री ने विधानसभा में किशनपोल विधायक अमीन कागजी के प्रश्न के लिखित जवाब में दी।
सरकार ने माना कि कुछ निवेश प्रस्ताव विभिन्न कारणों से लंबित है। इनमें भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमोदनों की प्रक्रिया, बाजार की परिस्थितियों में बदलाव तथा निवेशकों के स्तर पर लिए गए निर्णय प्रमुख कारण है। निवेश परियोजनाओं को गति देने के लिए डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 और राजस्थान लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 लागू की गई है।
सबसे ज्यादा एमओयू उद्योग विभाग के सरकार के अनुसार राइजिंग राजस्थान के तहत सबसे अधिक 13,341 एमओयू उद्योग विभाग में हुए, जिनमें 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश प्रस्तावित है। वहीं ऊर्जा क्षेत्र में 35.26 लाख करोड़ रुपए के निवेश संबंधी 1,390 एमओयू हुए हैं।
यह भी बताया कि कुछ निवेश प्रस्तावों पर आगे बढ़ने की संभावना कम है। एमओयू के दोहराव, बदली हुई बाजार परिस्थितियों और निवेशकों की ओर से परियोजनाएं नहीं लगाने के निर्णय के चलते कई समझौतों को निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। कुछ प्रस्ताव स्वीकृति की कसौटी पर खरे नहीं उतरने के कारण भी रद्द किए जाने की प्रक्रिया में हैं। हालांकि सरकार ने इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया है।
विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 3,895 एमओयू पर ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। इन परियोजनाओं में 8.01 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और इनके माध्यम से 2,88,302 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सबसे अधिक 1.396 परियोजनाएं उद्योग विभाग तथा 472 परियोजनाएं ऊर्जा विभाग से संबंधित हैं।
निवेश प्रस्तावों की निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाया है। एक हजार करोड़ से अधिक के एमओयू की समीक्षा सीएम स्तर पर, 100 से 1000 करोड़ रुपए तक के एमओयू की समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर तथा 100 करोड़ तक के निवेश प्रस्तावों की समीक्षा विभागीय सचिव कर रहे हैं। जिलों में भी प्रभारी सचिव और जिला कलक्टर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
विभाग - एमओयू - निवेश - संभावित - रोजगार
ऊर्जा विभाग - 472 - 6,15,995 - 39,256
कृषि विभाग - 716 - 8,149 - 24,110
पशुपालन विभाग- 26 - 210 - 732
उद्योग विभाग - 1,396 - 76,080 - 85,148
खान विभाग - 33 - 34,237 - 4,264
पर्यटन विभाग - 285 - 10,033 - 16,730
विमानन विभाग - 06 - 1,275 - 2,390
एलएसजी - 13 - 1,971 - 6,707
परिवहन विभाग - 01 - 15 - 50
यूडीएच - 401 - 37,929 - 53,085
खेल एवं युवा मामले - 01 - 90 - 10
कॉलेज शिक्षा विभाग - 21 - 248 - 5,125
डीएसईई - 08 - 87 - 3,537
आईटी एवं प्रौद्योगिकी - 05 - 1,012 - 3,126
स्कूल शिक्षा विभाग - 54 - 1,011 - 2,997
उच्च-तकनीकी शिक्षा - 206 - 56 - 439
संस्कृत शिक्षा विभाग - 09 - 98 - 752
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य - 74 - 4,803 - 12,546
चिकित्सा शिक्षा विभाग - 15- 6,305 - 19,800
आयुष विभाग - 153 - 1,446 - 7,498
कुल योग - 3,895 - 8,01,048 - 2,88,302
(निवेश की राशि करोड़ रुपए में)