जयपुर

राजस्थान में फिर गरमाई सियासत, अब इस मामले को लेकर आमने-सामने भाजपा और कांग्रेस

शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द डोटासरा के मुगलकाल में हुए युद्धों को सत्ता का संघर्ष बताने पर सियासत गरमा गई है।
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Jul 21, 2019
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जयपुर। शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के मुगलकाल में हुए युद्धों को सत्ता का संघर्ष बताने पर सियासत गरमा गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि मुगल आक्रांताओं से संघर्ष करने वाले देशभक्त वीरों के इतिहास को स्वीकारना ही नहीं, पढ़ाना भी होगा।

देवनानी ने कहा कि भारत के जिन वीर सपूतों ने मुगलों-अंग्रेजों के साथ संघर्ष किया और प्राणों की आहुति तक दे दी, उन्हें भुला नहीं सकते। मुगल आक्रमणकारियों ने हमारे देश, शिक्षा, धर्म-संस्कृति को भी तहस-नहस करने के प्रयास किए थे।

देवनानी ने कांग्रेस ( Congress ) पर इतिहास का भी तुष्टिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार ( ashok gehlot govt ) ने शिक्षा की गुणवत्ता व सुधार पर ध्यान देने की बजाय केवल संघ और राष्ट्रीय विचारधारा को नीचा दिखाने में ही सारी ताकत झोंक दी है।

विधानसभा में बोले थे शिक्षा राज्यमंत्री
विधानसभा में शुक्रवार को शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि मुगलकाल में हुए युद्धों को भाजपा ( BJP ) हिन्दू-मुस्लिम लड़ाई बताती है। वहीं उन्होंने भाजपा पर आरएसएस के संगठन विद्याभारती के विचारों को किताबों में थोपकर बच्चों का जहन बिगाडऩे का आरोप लगाया था।

तबादलों में द्वेष का आरोप
देवनानी ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक द्वेष के चलते केवल आर.एस.एस. या राष्ट्रवादी विचारधारा जुड़े शिक्षकों व र्कािर्मकों के दूर-दराज स्थानान्तरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उन्हें प्रताड़ित करने के लिए स्थानान्तरण पर कोर्ट के स्टे के बावजूद ज्वाइन नहीं करवा रही है।

Published on:
21 Jul 2019 09:58 am