जयपुर

Rajasthan : आरपीएससी आज हो जाएगा मुखियाविहीन, कब भरे जाएंगे लोकायुक्त और 9 आयोगों के शीर्ष पद?

Rajasthan : राजस्थान की मौजूदा भजनलाल सरकार से एक सवाल कि लोकायुक्त और 9 आयोगों के शीर्ष पद कब भरे जाएंगे। आरपीएससी आज मुखियाविहीन हो जाएगा। पूर्व डीजीपी यू.आर. साहू का कार्यकाल आज ही पूरा हो जाएगा।

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RPSC Chairman UR Sahu term ends today When will Lokayukta and 9 commissions posts filled
Rajasthan : राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो पत्रिका

Rajasthan : राजस्थान की मौजूदा सरकार ने इसी सप्ताह आधा कार्यकाल पूरा कर लिया, लेकिन भ्रष्टाचार व आमजन से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई के लिए बनने वाले लोकायुक्त और 9 प्रमुख आयोगों में मुखिया ही नहीं लगाए है। पूर्व डीजीपी यू.आर. साहू का कार्यकाल शुक्रवार को पूरा होने से इस सूची में राजस्थान लोक सेवा आयोग का नाम भी जुड़ने जा रहा है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए सीएम की अध्यक्षता में बनने वाली बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति में उपाध्यक्ष भी नहीं लगाया गया है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने दिखाई थी गंभीरता

करीब 11 साल पहले इसी तरह की स्थिति बनने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए स्वयं जनहित याचिका दर्ज की थी, जिस पर करीब 8 साल पहले हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार आयोगों व न्यायाधिकरणों में खाली पदों को तीन माह में भर दे। इसके बाद भी अलग-अलग आयोगों में खाली पदों के मामले हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, यहां तक कि उपभोक्ता आयोग के मामले में तो कोर्ट ने नई नियुक्ति होने तक पुराने व्यक्तियों को ही बनाए रखने का आदेश दिया।

आरपीएससी : आज पूरा होगा साहू का कार्यकाल

पूर्व पुलिस महानिवेशक यू. आर. साहू का शुक्रवार को कार्यकाल पूरा हो रहा है। आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा पेपरलीक मामले में जेल में बंद होने के कारण लंबे समय से निलंबित चल रहे हैं, जबकि तीन सदस्यों के पद पिछले 2 वर्षों में खाली हुए हैं।

आयोग हैं… सुनवाई करने वालों को है इंतजार

राज्य आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग, राज्य अनुसूचित जाति आयोग, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग में भी अध्यक्ष नहीं है। बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन संबंधी राज्य स्तरीय समिति में उपाध्यक्ष का पद भी खाली है।

लोकायुक्त : मार्च, 2026 में पीके लोहरा की सेवानिवृत्ति के बाद से पद खाली, जिससे सरकारी कार्यालयों में अनियमितता व अकर्मण्यता के मामलों पर सुनवाई बंद।
राज्य महिला आयोग : अध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली, जिससे आयोग में सुनवाई नहीं हो पा रही।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग : अध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली, अध्यक्ष पद दो वर्ष से रिक्त।
राज्य निःशक्तजन आयुक्त : उमाशंकर शर्मा का कार्यकाल पूरा होने के बाद से पद खाली, निःशक्तजनों की सुनवाई में समस्या।
राज्य मानवाधिकार आयोग : हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरएस झाला का कार्यकाल पूरा होने के बाद से सदस्य का पद खाली। उनका काम अध्यक्ष व एक सदस्य के बीच बांटा गया है।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग : रफीक खान का कार्यकाल पूरा होने के बाद से आयोग अध्यक्ष का पद खाली, सदस्यों की भी कमी।
राज्य वित्त आयोग : अध्यक्ष व सचिव की नियुक्ति, लेकिन सदस्यों के पद खाली।
मुख्य सूचना आयुक्त : पिछले माह एमएल लाठर का कार्यकाल पूरा होने के बाद से पद खाली, पिछले माह आवेदन भी आ चुके। चयन समिति की बैठक न होने से नियुक्ति अटकी हुई है।
राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग : पिछड़ा वर्ग में जातियों को शामिल करने व बाहर निकालने के लिए इस आयोग का प्रावधान। हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश भवरू खान का कार्यकाल पूरा होने के बाद से यह पद नहीं भरा।

ये भर्तियां भी प्रक्रिया में

पुलिस एसआइ भर्ती, आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2026, वरिष्ठ अध्यापक (मा. शिक्षा) भर्ती, प्राध्यापक (कृषि) एवं कोच (मा शिक्षा) भर्ती, सहायक अभियोजन अधिकारी भर्ती 2026, प्राध्यापक विशेष शिक्षा (माध्यमिक शिक्षा)-2026, सांख्यिकी अधिकारी भर्ती सहित अनेक भर्तियों की प्रक्रिया जारी है, जिनको पूरा कराने की जिम्मेदारी आरपीएससी पर है।

सरकार का दायित्व

हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और कोर्ट के बार-बार आदेश के बाद उस समय पद भरे गए। अब फिर वही स्थिति है। इन पदों को भरना सरकार का दायित्व है, जिसके लिए कोर्ट के दखल की आवश्यकता ही नहीं होनी चाहिए।
प्रतीक कासलीवाल, अधिवक्ता
(2015 में स्वप्रेरणा से दर्ज याचिका में हाईकोर्ट ने न्यायमित्र बनाया था)

Published on:
19 Jun 2026 07:19 am