Rajasthan Paper Leak: राजस्थान में पेपर लीक मामलों की जांच अब आरपीएससी के शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है। कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा-2022 में बड़े खुलासों के बाद एसओजी ने पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिवसिंह राठौड़ को हिरासत में लिया है। बाबूलाल कटारा के कबूलनामे के बाद एसओजी ने बड़ी कार्रवाई की है।
जयपुर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों की जांच लगातार गहराती जा रही है। अब इस मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिवसिंह राठौड़ को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मंगलवार सुबह एसओजी की टीम जोधपुर स्थित उनके आवास पहुंची और उन्हें जयपुर लाकर करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई। इस कार्रवाई के बाद भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एसओजी ने आरपीएससी के एक कर्मचारी को भी हिरासत में लिया है। हालांकि उसकी भूमिका को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक नेटवर्क आयोग के भीतर किस स्तर तक सक्रिय था और इसमें किन-किन लोगों की मिलीभगत रही।
एडीजी एसओजी विशाल बंसल के अनुसार, कृषि विज्ञान विषय की प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में आरपीएससी के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए। कटारा पहले से तीन अन्य पेपर लीक मामलों में गिरफ्तार चल रहा है। पूछताछ में सामने आया कि कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा का पेपर करीब 60 लाख रुपए में बेचा गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए एसओजी ने आयोग के तत्कालीन अधिकारियों और सदस्यों से पूछताछ शुरू की है।
गौरतलब है कि आरपीएससी ने 54 पदों के लिए प्राध्यापक कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा का आयोजन 11 अक्टूबर 2022 को किया था। परीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया पूरी कर दिसंबर 2023 में अंतिम परिणाम जारी किया गया था। लेकिन बाद में शिकायतें सामने आईं कि कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी और बैक-डेट की डिग्रियों के आधार पर नौकरी हासिल की। इनमें चूरू स्थित एक निजी विश्वविद्यालय की मार्कशीटों का मामला भी सामने आया था।
एसओजी जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर लीक के जरिए कुछ अभ्यर्थियों को पहले से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए थे। बाबूलाल कटारा ने पूछताछ में पेपर बेचने की बात स्वीकार की है, जिसके बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या इस भर्ती परीक्षा की चयन प्रक्रिया दोबारा जांची जाएगी और क्या सरकार एसआई भर्ती-2021 की तरह इस परीक्षा को भी रद्द करने पर विचार करेगी।
डॉ. शिवसिंह राठौड़ 2 दिसंबर 2021 से 29 जनवरी 2022 तक आरपीएससी के कार्यवाहक अध्यक्ष रहे थे। इससे पहले वे आयोग के सदस्य के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। एसओजी अब उनके कार्यकाल और आयोग की आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।