
Dummy Candidate Exam Fraud: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में फर्जीवाड़े ममाले में एसओजी ने एक आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार आरोपी चुंकी बाई पिछले 18 महीने से फरार थी और पुलिस ने महिला पर 10 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था। । आरोप है कि महिला ने डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल की थी। जांच में यह भी सामने आया कि उसने अपनी जगह परीक्षा दिलाने के लिए डमी अभ्यर्थी को करीब 5 लाख रुपए दिए थे।
एसओजी की जांच में पता चला कि चुंकी बाई ने 23 अक्टूबर 2021 को जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर खुद परीक्षा देने के बजाय दूसरी महिला को बैठाया था। इसके लिए प्रवेश पत्र पर फोटो बदलकर मॉर्फ्ड तस्वीर लगाई गई और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। परीक्षा में चयन होने के बाद उसकी नियुक्ति भरतपुर जिले के कुम्हेर क्षेत्र के पटवार हल्का ईंदू में पटवारी के पद पर हो गई। कई साल तक मामला दबा रहा, लेकिन बाद में इसकी परतें खुलनी शुरू हुईं।
एसओजी को इस भर्ती में गड़बड़ी की गोपनीय शिकायत मिली थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और प्रकरण संख्या 62/2024 दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आए सबूतों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग) अधिनियम, 1992 की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलती रही। एसओजी के अनुसार वह पिछले 18 महीने से डीग, भरतपुर और जालोर समेत कई जगहों पर छिपकर रह रही थी। उसकी गिरफ्तारी आसान नहीं थी, इसलिए एसओजी ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। लगातार निगरानी और तलाश के बाद आखिरकार टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में परीक्षा देने वाली डमी अभ्यर्थी नेमी बाई उर्फ सम्मी उर्फ सुमिता को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वह बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के काबुली गांव की रहने वाली है और वर्तमान में सांचौर क्षेत्र में रह रही थी। नेमी बाई पहले तृतीय श्रेणी अध्यापिका थी, लेकिन वह निलंबित चल रही थी। उसके खिलाफ भी मामले की जांच जारी है और उससे कई अहम जानकारियां मिली हैं। फिलहाल चुंकी बाई से पूछताछ जारी है और परीक्षा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।