Iran Israel War : ईरान इजरायल युद्ध शुरू हो गया है। इस पर सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जानें क्या-क्या संदेह व्यक्त किया।
Iran Israel War : ईरान इजरायल युद्ध शुरू हो गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत की पुष्टि हो गई है। इस बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने एक जबरदस्त प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने पीएम मोदी की इजरायल यात्रा की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े किए।
इज़राइल के ईरान के खिलाफ प्रिवेंटिव मिसाइल अटैक करने पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "मेरा मानना है कि PM मोदी के (इज़राइल) दौरे की टाइमिंग सही नहीं थी, और (पीएम मोदी का) भाषण भारत की इम्पार्शियलिटी पर शक पैदा करता है।
सचिन पायलट ने कहा, हमने हमेशा टू-नेशन थ्योरी को सपोर्ट किया है, और इस बार हम कुछ हद तक अपनी फॉरेन पॉलिसी से कॉम्प्रोमाइज़ कर रहे हैं। फॉरेन पॉलिसी देश के फायदे को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। यह पर्सनल इमेज बनाने का ज़रिया नहीं है।
सचिन पायलट ने आगे कहा कि, बदकिस्मती से, पिछले 11 वर्षों में बनी फॉरेन पॉलिसी पर्सनैलिटी पर आधारित हो गई है, और अगर फॉरेन पॉलिसी पर्सनल रिश्तों के आधार पर बनाई जाती है, तो इससे देश के हितों को नुकसान होगा।
सचिन पायलट ने कहा कि, हमने हमेशा कहा है कि भारत का हित सबसे पहले आता है। भारत का हित किसी भी पार्टी या किसी भी नेता से ऊपर हैं। सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
सचिन पायलट ने कहा कि, सरकार ने अपनी इमेज बनाने और पर्सनल रिश्ते सुधारने के लिए कई बार भारत की फॉरेन पॉलिसी से कॉम्प्रोमाइज़ किया है। मैं इसका कड़ा विरोध करता हूं।
उदय भानु चिब पर सचिन पायलट ने इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को बेल मिलने पर कहा, विरोध प्रदर्शन किसी को पसंद आए या न आए, आपकी कुछ भी राय हो लेकिन जिस प्रकार की धाराएं लगाई गईं, पुलिस ने जिस प्रकार से हिरासत में लिया, उदय भानु तो वहां पर मौजूद भी नहीं थे। ये उनका घबराहट वाला कदम था।
सचिन पायलट ने कहा दमन और ताकत की राजनीति से विरोधियों की आवाज को दबाया जा रहा है। दुनिया में कहीं भी जब वैश्विक समिट होते हैं, दुनिया की बड़ी राजधानियों में हमेशा विरोध होते हैं। लेकिन यह एक विरोध आपको इतना नापसंद आ गया कि आपने उन्हें जेल में बंद कर दिया। इससे स्पष्ट हो गया कि इतनी बड़ी सरकार कुछ युवा कांग्रेस के साथियों के विरोध से घबरा जाती है। उदय भानु के साथ जो किया गया वो सरासर गलत था और ये दिखाता है कि इस देश में विरोध करने वालों को कैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।