
बजरिया के पॉश इलाके इन्द्रा कॉलोनी में ज्वैलर दिनेश गोयल के साथ हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मानटाउन थाना पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि आरोपियों ने लूट से पहले ज्वैलर की दो-तीन दिन तक रेकी की थी और उसके बाद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई की रात करीब 7:45 बजे ज्वैलर दिनेश गोयल अपनी दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे मानटाउन बालिका स्कूल के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे चार बदमाशों ने उन्हें रोककर बाइक से गिरा दिया। इसके बाद बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया और गले से सोने की चेन तोड़ने का भी प्रयास किया। बैग में करीब 26 ग्राम सोना और लगभग 1.30 लाख रुपए नकद रखे हुए थे। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी।
घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह मीणा के निर्देशन में वृताधिकारी राजेन्द्र मीणा और मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास के क्षेत्रों में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर बदमाशों के भागने का रूट और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो की पहचान की गई। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के बाद दिलखुश मीणा और अशोक मीणा के नाम सामने आए।
सायबर सेल के उप निरीक्षक अजीत मोगा को मिली मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम जयपुर पहुंची। जगतपुरा स्थित अक्षय पात्र चौराहे के पास कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष सैन, रवि मीणा, दिलखुश मीणा, अशोक मीणा और प्रशांत कावटंया के रूप में हुई है। प्रशांत वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो का मालिक बताया जा रहा है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने वारदात से पहले लगातार दो से तीन दिन तक ज्वैलर की गतिविधियों पर नजर रखी थी। दुकान बंद करने का समय, घर जाने का रास्ता और दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने लूट की योजना बनाई। सभी आरोपी 20 से 25 वर्ष की आयु के हैं और जयपुर में कमरा लेकर पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि विभिन्न टीमों के आपसी समन्वय, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के चलते इस सनसनीखेज लूटकांड का जल्द खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।