
राजस्थान में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीमों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतापगढ़ में फॉरेस्ट रेंजर की दर्दनाक मौत के मामले की गूंज अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि सवाई माधोपुर जिले के चौथकाबरवाड़ा थाना क्षेत्र से एक और दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां अवैध बजरी से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास कर रहे एक कांस्टेबल को चालक ने जानबूझकर कुचलने की कोशिश की। इस हादसे में वाहन का पहिया कांस्टेबल के पैर के ऊपर से निकल गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, सड़क किनारे से गुजर रही एक करीब 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला भी इस हादसे की चपेट में आकर घायल हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चौथकाबरवाड़ा थाने के कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह और अन्य पुलिसकर्मी मंगलवार सुबह अपनी रूटीन गश्त पूरी करके लौट रहे थे। सुबह करीब 9 बजे जब पुलिस टीम भेडोला रोड पर थी, तभी चौथकाबरवाड़ा की ओर से एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज गति से आती हुई दिखाई दी।
संदिग्ध वाहन मानकर कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने चालक को रुकने का इशारा किया। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर बजरी ले जा रहे चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी गति और तेज कर दी और सीधे कांस्टेबल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कांस्टेबल सड़क पर गिर गए और ट्रैक्टर-ट्रॉली का पहिया उनके पैर के ऊपर से गुजर गया।
इस अफरा-तफरी के दौरान सड़क के किनारे पशुओं के लिए चारा लेकर जा रही करीब 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला जुमी भी वाहन की चपेट में आ गई। घटना को अंजाम देने के बाद चालक मौके से ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत फरार होने में कामयाब रहा।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल कांस्टेबल की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर तुरंत जयपुर रैफर कर दिया गया है। चौथकाबरवाड़ा थाने के थानाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस ने कांस्टेबल को कुचलने के प्रयास और अवैध बजरी खनन व परिवहन का मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में दबिश दी जा रही है।
यह सनसनीखेज घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश की सर्वोच्च अदालत चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन के मामले को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने चंबल नदी क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक और उसकी पालना रिपोर्ट को लेकर राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों को दो सप्ताह का समय दिया है।
न्यायाधीश विक्रम नाथ, न्यायाधीश ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायाधीश संदीप मेहता की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रतापगढ़ में 21 सितंबर की रात अवैध खनन रोकने गए फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की डंपर से कुचलकर हुई हत्या के मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी कोर्ट के समक्ष पेश की गई है। ऐसे में, अदालती सख्ती के बावजूद धरातल पर बजरी माफिया के हौसले किस हद तक बुलंद हैं, सवाई माधोपुर की यह घटना इसकी गवाही दे रही है।