जयपुर

राजस्थान विधानसभा की सुरक्षा में सेंध, अनधिकृत प्रवेश के मामले में सैनिक पकड़ा, अचानक बढ़ाई गई सुरक्षा

राजस्थान विधानसभा की सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप में एक सैनिक को पकड़ा गया। सूचना पर ज्योति नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया। घटना के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
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Jan 30, 2026
Rajasthan Assembly
Rajasthan Assembly (Patrika Photo)

जयपुर: राजस्थान विधानसभा की सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। सत्र के पहले दिन बुधवार को एक युवक अनधिकृत रूप से विधानसभा परिसर में प्रवेश कर गया, जिसे तैनात पुलिसकर्मियों ने पकड़कर ज्योति नगर थाना पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया युवक श्याम सिंह (37) जोधपुर जिले के ओसियां का निवासी है। वह सेना में कार्यरत है और गुलमर्ग (श्रीनगर) में पोस्टेड है। फिलहाल, वह जयपुर में 17 सिख रेजीमेंट से अटैच किया हुआ है। प्रारंभिक पूछताछ में सैन्यकर्मी ने गलती से विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की बात कही है।

हालांकि, पुलिस यह जांच कर रही है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वह बिना अनुमति परिसर में कैसे और किन परिस्थितियों में पहुंचा। घटना के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। अब प्रवेश पत्रों की कड़ी जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है।

गौशालाओं के लिए मिलेगी जमीन : कुमावत

गौशालाओं को भूमि आवंटन का प्रकरण भी सदन में गूंजा। गोपालन मंत्री जोगाराम कुमावत ने विधायक बहादुर सिंह कोली के प्रश्न के जवाब में कहा कि कई स्थानों पर गौचर भूमि में गौशालाएं संचालित हैं। लेकिन गुलाब कोठारी प्रकरण के कारण भूमि उनके नाम पर आवंटित नहीं हो रही है। राजस्व विभाग ने एक नया परिपत्र जारी किया है। इसके अनुसार जिन ग्राम पंचायत में सिवाय चक भूमि नहीं है, लेकिन पर्याप्त गौचर भूमि उपलब्ध है। वहां गौशालाओं के लिए भूमि आवंटित हो सकती है। उन्होंने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की बात कही।

चंदा, एसआईआर और मनरेगा पर घमासान

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान गुरुवार को विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गौमांस कंपनियों से चंदा, एसआईआर, मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने, पंचायत चुनावों में देरी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप से सदन का माहौल बार-बार गरमाया।

शोरगुल और नारेबाजी के चलते कार्यवाही कई बार बाधित हुई। हालात बिगड़ने पर आसन को हस्तक्षेप करना पड़ा और असंसदीय टिप्पणियों व तथ्यों के अभाव में लगाए गए आरोपों को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए गए।

कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने भाजपा पर गौमांस से जुड़ी कंपनियों से चंदा लेने का आरोप लगाया। इस पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने खड़े होकर कड़ा विरोध जताया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आरोपों को निराधार बताते हुए प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की। दोनों ओर से नारेबाजी और शोरगुल के बाद सभापति ने तथ्यों के अभाव में लगाए गए आरोपों को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।

एसआईआर पर आमना-सामना

एसआईआर को लेकर विपक्ष ने केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर फर्जी तरीके से नाम हटाने का आरोप लगाया। कोटा-बूंदी क्षेत्र से जुड़े मामलों को सदन में रखने की बात कही। इस पर मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि एसआईआर से जुड़े दस्तावेज सदन में टेबल नहीं किए जा सकते।

कांग्रेस के राजेंद्र पारीक और रफीक खान के हस्तक्षेप के बाद हंगामा और तेज हो गया। विपक्ष ने दावा किया कि रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर कार्रवाई के सरकारी दावों के बावजूद अब तक 10 हजार लोगों को भी नहीं निकाला गया, जबकि कांग्रेस शासन में 88 हजार लोगों को हटाया गया था।

Updated on:
30 Jan 2026 09:39 am
Published on:
30 Jan 2026 07:32 am