Security lapses in Jaipur Metro: जयपुर। राजधानी जयपुर की मेट्रो को सुरक्षित, तेज और आधुनिक परिवहन का माध्यम माना जाता है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। पीक ऑवर्स में स्टेशनों पर उमड़ती भीड़ और सुरक्षा जांच में हो रही लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
Security lapses in Jaipur Metro: जयपुर। राजधानी जयपुर की मेट्रो को सुरक्षित, तेज और आधुनिक परिवहन का माध्यम माना जाता है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। पीक ऑवर्स में स्टेशनों पर उमड़ती भीड़ और सुरक्षा जांच में हो रही लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आलम ऐसा है कि मेटल डिटेक्टर शो पीस बने हुए हैं। संदिग्ध वस्तु के संपर्क में आने पर बीप तो सुनाई देता है पर यात्रियों की तलाशी नहीं होती और लोग सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंच जाते हैं। यह स्थिति मेट्रो जैसे संवेदनशील सार्वजनिक परिवहन सिस्टम में यात्रियों की जान को सीधे जोखिम में डाल रही है।
सुविधाओं के नाम पर भी अव्यवस्था कम नहीं है। कई स्टेशनों पर ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें बंद पड़ी हैं और स्टाफ की कमी से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जयपुर मेट्रो केवल दिखावे की सुरक्षा और अधूरी सुविधाओं के सहारे ही चल रही है।
मानसरोवर से बड़ी चौपड़ के बीच 11 स्टेशन पर चार कोच के साथ मेट्रो दौड़ रही है। जयपुर मेट्रो के सभी स्टेशन के प्रवेश द्वार पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगे हैं, लेकिन कहीं पर भी यात्रियों की जांच नहीं होती। कई बार मेटल डिटेक्टर से गुजरते समय मशीन बीप करती है, इसके बावजूद सुरक्षाकर्मी यह जानने की कोशिश नहीं करते कि यात्री के पास कौन-सी वस्तु है।
बीप के बाद भी रास्ता खुला रहता है और यात्री सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंच जाते हैं। पत्रिका टीम ने सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए अपने साथ चाकू जैसी नुकीली वस्तु लेकर प्रवेश किया और डिटेक्टर पर बीप भी बजी, तब भी सुरक्षाकर्मी ने न तो सवाल किया, न ही तलाशी ली।
पिछले दिनों दिल्ली में हुए आतंकी हमले ने यह साफ कर दिया था कि भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा में छोटी सी चूक बड़े खतरे का कारण बन सकती है। इसके बावजूद जयपुर मेट्रो में मेटल डिटेक्शन को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। कोई व्यक्ति जानबूझकर या अनजाने में खतरनाक वस्तु लेकर स्टेशन में प्रवेश कर ले तो उसे रोकने की फिलहाल कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। पीक ऑवर्स में जयपुर मेट्रो स्टेशनों पर गहमा-गहमी रहती है। ऐसे में सुरक्षा में चूक यात्रियों की जान को जोखिम में डाल सकती है।
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