
EWS Reservation : जयपुर. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण की पात्रता शर्तों में बदलाव की मांग उठी है। श्री राजपूत सभा ने केंद्रीय आरक्षण में भूमि और मकान से जुड़ी जटिल शर्तें हटाकर केवल आठ लाख रुपए वार्षिक आय को पात्रता का आधार बनाने की मांग की है। साथ ही विवाहित महिलाओं की आय गणना के नियमों में संशोधन और ईडब्ल्यूएस वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग भी की गई। जयपुर में शनिवार को 5 बत्ती स्थित राजपूत सभा भवन में आयोजित सत्र 2025-28 की तृतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इन मांगों को लेकर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
कार्यकारी सभापति राम सिंह चंदलाई की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभा के क्षेत्राधिकार के 16 जिलों के प्रतिनिधियों और आजीवन सदस्यों ने भाग लिया। महामंत्री धीर सिंह शेखावत ने स्वागत उद्बोधन दिया और सामाजिक कार्यों व वित्तीय गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसमें संगठन की मजबूती और पारदर्शिता के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2026 की जानकारी भी दी गई। अभियान की निर्धारित अवधि 1 मई से 31 अगस्त तक थी, लेकिन दूर-दराज रहने वाले सदस्यों तक सूचना पहुंचने में देरी और व्यक्तिगत कारणों से कई सदस्य प्रक्रिया से वंचित रह गए। ऐसे में पुनरीक्षण कार्य अभी जारी है, ताकि कोई भी वैध सदस्य प्रमाणीकरण से छूटे नहीं।
सभा ने केंद्र सरकार से ईडब्ल्यूएस आरक्षण में भूमि-मकान की शर्तें हटाने और आय सीमा को एकमात्र आधार बनाने की मांग की। साथ ही विवाहित महिलाओं की पात्रता तय करते समय पति के साथ माता-पिता की आय जोड़ने की बाध्यता समाप्त करने, फीस और आयु सीमा में छूट देने का प्रस्ताव रखा। राजस्थान सरकार से भी बिहार की तर्ज पर विवाहित महिलाओं की आय गणना में संशोधन कर राहत देने का आग्रह किया गया। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस वर्ग को राजनीतिक आरक्षण देने की मांग उठाई गई।
बैठक में वक्ताओं ने संगठन के विस्तार और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका की सराहना की। ईडब्ल्यूएस आरक्षण की विसंगतियों और यूजीसी के नए नियमों जैसे विषयों पर सभा की पहल का उल्लेख किया गया। समापन पर चंदलाई ने सदस्यों से संगठनात्मक एकता बनाए रखने और सामाजिक कल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। बैठक में रखे गए प्रस्तावों को सदस्यों ने समर्थन दिया।