Kesar dev Marwadi: देशभर में अपनी अनूठी हास्य शैली से लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाले प्रसिद्ध हास्य कवि केसर देव मारवाड़ी अब इस दुनिया में नहीं रहे।
जयपुर। देशभर में अपनी अनूठी हास्य शैली से लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाले प्रसिद्ध हास्य कवि केसर देव मारवाड़ी अब इस दुनिया में नहीं रहे। प्रसिद्ध हास्य कवि केसर देव मारवाड़ी का देर रात भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। उनकी मौत से साहित्य जगत और शिक्षा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसा उस वक्त हुआ जब वे शादी समारोह से वापस जयपुर लौट रहे थे, तभी करीब 2 बजे रींगस के मिल तिराहे पर कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा घुसी। हादसे में केसर देव मारवाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के वक्त उनकी पत्नी पत्नी चंदा प्रजापत भी साथ थी, जिन्हें मामूली चोट आई है।
केसर देव मारवाड़ी नागौर जिले के लाडनूं में कुम्हारों का बास के रहने वाले थे। वे अपनी हास्य कविताओं और मंचीय प्रस्तुतियों के लिए देशभर में जाने जाते थे। उनकी कविताओं में जहां सहज हास्य और मारवाड़ी संस्कृति की खुशबू होती थी, वहीं उनके शब्द समाज की सच्चाइयों को भी सरल अंदाज में सामने रखते थे। इसके अलावा वे सरकारी टीचर भी थे।
उनकी पहली पोस्टिंग नागौर के विश्वनाथ पुरा में हुई थी, इसके बाद पांचूडी तबादला हो गया। वे करीब 15 साल से जयपुर में रह रहे थे और वर्तमान में झोटवाड़ा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। केसर देव मारवाड़ी 6 भाईयों में तीसरे नंबर पर थे। वे घर में सबके लाडले थे। इसकी खास वजह ये थी कि वो सबको हंसा-हंसाकर लोटपोट कर देते थे। बाद में वे धीरे-धीरे बड़े हास्य कवि बन गए और देशभर में लोगों को गुदगुनाने लगे।
बड़े भाई देगाराज प्रजापत लाडनू में ही कपड़े की दुकान चलाते है। वहीं, दूसरा भाई ओम प्रकाश प्रजापत वकील है। भाई कैन्हया लाल एयरफोर्स में थे, जो रिटायर्ड हो चुके है। इसके अलावा बजरंग लाल कलर-पेंट का काम करता है और रमेश प्रजापत की गांव में ही जूत्ते चप्पल की दुकान है। केसर देव मारवाड़ी की पत्नी चंदा प्रजापत शारीरिक टीचर है। उनके दो बेटियां है, जिनकी शादी हो चुकी है।