Smart Card Travel: अब रियायती यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड और शेड्यूल-3 अनिवार्य, 1 फरवरी से लागू नियम, लो-फ्लोर बसों में छात्रों के लिए नई व्यवस्था, छुट्टियों में देना होगा पूरा किराया, जेसीटीएसएल का बड़ा फैसला: फर्जी रियायतों पर लगेगी रोक, बिना टिकट 200 रुपये जुर्माना।
Jaipur Low Floor Bus: जयपुर. जयपुर शहर में लो-फ्लोर बसों का संचालन करने वाली जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) ने छात्रों की यात्रा सुविधा को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। इस फैसले का उद्देश्य टिकटिंग प्रणाली में पारदर्शिता लाना और फर्जी रियायतों पर रोक लगाना है। नए आदेश के अनुसार अब स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के नियमित छात्रों को रियायती यात्रा का लाभ तभी मिलेगा, जब वे अपने शिक्षण संस्थान से जारी वैध स्मार्ट कार्ड या स्टूडेंट आईडी के साथ प्रमाणित शेड्यूल-3 प्रस्तुत करेंगे।
यह सुविधा केवल छात्र के निवास स्थान से शिक्षण संस्थान और शिक्षण संस्थान से निवास स्थान तक की यात्रा के लिए मान्य होगी। हालांकि, सरकारी अवकाश और संबंधित विभागों द्वारा घोषित छुट्टियों के दिनों में छात्रों को पूरा किराया देना होगा। जेसीटीएसएल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था नॉन एसी बसों में लागू होगी।
निगम के अनुसार, इस नई प्रणाली से टिकटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और फर्जी रियायतों पर अंकुश लगेगा, जिससे राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही नियमित यात्रियों की संख्या बढ़ने से बसों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
छात्रों को भी इस व्यवस्था से कई लाभ मिलेंगे। उन्हें कम किराए में सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा मिलेगी। स्मार्ट कार्ड के माध्यम से बार-बार टिकट लेने की झंझट खत्म होगी और समय की भी बचत होगी।
जेसीटीएसएल ने बताया कि सामान्य सेवाओं में छात्रों को 31 जनवरी 2026 तक केवल वैध स्मार्ट कार्ड या स्टूडेंट आईडी पर ही रियायती यात्रा की अनुमति दी जाएगी। वहीं, 1 फरवरी 2026 से स्मार्ट कार्ड या आईडी के साथ शेड्यूल-3 दिखाना अनिवार्य होगा। बिना वैध टिकट यात्रा करने पर प्रति यात्री 200 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
नई व्यवस्था से जहां निगम की कार्यप्रणाली मजबूत होगी, वहीं छात्रों को भी सुव्यवस्थित और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा।