जयपुर

SMS Hospital से नया अपडेट, अब तक 8 की मौत, जयपुर पुलिस आयुक्त बोले – FSL जांच से पता लगेगी आग की सही वजह

SMS Hospital Fire : एसएमएस अस्पताल से नया अपडेट। भीषण आग से मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। इस आग पर जयपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने कहा, हमारे FSL टीम की जांच में सामने आएगा कि आग लगने का क्या कारण रहा?
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जयपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ। फोटो - ANI

SMS Hospital Fire : जयपुर में हुआ दर्दनाक हादसा। जयपुर के एसएमएस अस्पताल आया नया अपडेट। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में रविवार देर रात लगी आग से अब तक 8 गंभीर मरीजों की मौत हो गई है। सवाईमानसिंह अस्पताल जयपुर के ट्रोमा सेंटर में आग कैसे लगी, यह सवाल इस वक्त चर्चा का विषय बना हुआ है। जयपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने कहा, "हमारे FSL टीम की जांच में सामने आएगा कि आग लगने का क्या कारण रहा? प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट लग रहा है लेकिन उसका फाइनल कारण जांच के बाद ही पता लगा पाएगा। 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है….मृतक के शव को शवगृह में शिफ्ट कराया गया है। जब सब चीजे हो जाएंगी तो शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

बहुत ही दुखद घटना - जगदीश मोदी

सवाई मान सिंह अस्पताल (एसएमएस) में भीषण आग लगने पर आपातकालीन प्रभारी डॉ. जगदीश मोदी ने कहा, आग लगने के कारण पूरे ICU में अंधेरा हो गया था। डॉक्टर, नर्स और वार्ड बॉय ने सभी मरीज को ICU से बाहर निकाला। सभी जगह विशेष निगरानी चल रही हैं। ये बहुत ही दुखद घटना है।

ट्रोमा सेंटर के दूसरे मंजिल पर दो ICU हैं - ट्रोमा सेंटर प्रभारी

SMS अस्पताल ट्रोमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने कहा, ट्रोमा सेंटर के दूसरे मंजिल पर दो ICU हैं- सेमी ICU और ट्रोमा ICU है। जहां पर 24 मरीज थे। सेमी ICU में 13 मरीज थे और ट्रोमा ICU में 11 मरीज थे तो ट्रोमा ICU में शॉर्ट सर्किट हुआ और उसकी वजह से ज़हरीली गैसें निकल रही थीं, और उसमें अधिकतर मरीज गंभीर होते है और कोमा में होते हैं। हमने तुरंत बचाव किया और उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया। लेकिन उनमें 6 जो काफी गंभीर मरीज थे उन्हें हम बचा नहीं पाए। 5 मरीज अभी गंभीर हैं।

शॉर्ट सर्किट की वजह लगी आग - डॉ. अनुराग धाकड़

SMS अस्पताल ट्रोमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने कहा, प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट लग रही है। चूंकि हमारे मरीज गंभीर होते हैं तो लगभग मरीज कोमा में होते हैं तो उनकी सर्वाइवल रिफ्लेक्स भी कमज़ोर होते हैं और उनको लगातार सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है। बिजली से जलने के कारण वहां ज़हरीली गैसें निकल रही थीं, और हमें उन्हें उनके सपोर्ट सिस्टम के साथ शिफ्ट करना पड़ा। उनकी हालत और गंभीर हो गई। हमने उन्हें निचली मंज़िल के आईसीयू में शिफ्ट करने की कोशिश की, लेकिन हम उन्हें बचा नहीं पाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बेहतर इलाज हो - जवाहर सिंह बेदम

राजस्थान मंत्री जवाहर सिंह बेदम ने कहा, ICU में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की जानकारी मुख्यमंत्री को मिली और वह स्वयं यहां आए और हम भी आए हैं। घटना दुखद है और जिनका यहां इलाज चल रहा था तो आग लगने के कारण कुछ लोगों की मौत हो गई है। हमारी प्राथमिकता जो 24 लोग थे उनमें से अधिकतर लोगों को बचा लिया गया है। उनका इलाज बेहतर हो और आगे से ऐसी घटना न हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बेहतर इलाज हो।

Updated on:
06 Oct 2025 02:33 pm
Published on:
06 Oct 2025 09:09 am