जयपुर

साइबर ठगी से बचना है तो, हर SMS को पढ़ने से पहले उसके Sender ID पर ध्यान दें

Cyber Fraud Awareness: Sender ID के Prefix, Middle और Suffix से SMS के source और category के बारे में जानकारी मिल सकती है? यह छोटी सी आदत आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। साइबर सुरक्षित रहें, स्मार्ट रहें।
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Sep 30, 2026
AI generated image of Sender ID
AI generated image of Sender ID

मोहित शर्मा.

आज के डिजिटल युग में मोबाइल पर आने वाले SMS आम बात हो गई है। बैंक, कंपनियां, सरकारी विभाग और यहां तक कि धोखेबाज भी SMS भेजते हैं। कई बार ये संदेश इतने आकर्षक या जरूरी लगते हैं कि लोग बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर देते हैं या OTP, PIN और बैंकिंग डिटेल्स शेयर कर देते हैं। नतीजा? खाता खाली या व्यक्तिगत जानकारी चोरी।

SenderID के तीन हिस्सों पर ध्यान दें

साइबर ठगों से बचने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने हाल ही में एक आसान और प्रभावी तरीका बताया है- हर SMS पढ़ने से पहले उसके SenderID पर ध्यान दें। SenderID सिर्फ एक नाम नहीं होता। इसमें तीन हिस्से होते हैं- Prefix, Middle और Suffix। इनसे SMS कहां से आया, किसने भेजा और कैसी कैटेगरी का है, यह सब पता चल जाता है।

SenderID को तीन हिस्सों में समझें

उदाहरण के तौर पर एक SenderID लें

AD-HDFCBK-T

AD = Prefix

HDFCBK = Middle

T = Suffix

ये तीनों हिस्से मिलकर SMS की पूरी कहानी बताते हैं।

Prefix:SMS कहां से आया?

  • SenderID की शुरुआत के दो कैरेक्टर Prefix कहलाते हैं। ये बताते हैं कि SMS किस टेलीकॉम नेटवर्क और किस सर्विस एरिया से आया है।
  • उदाहरण में ‘A’ का मतलब Airtel और ‘D’ का मतलब दिल्ली है। यानी SMSAirtel के दिल्ली सर्विस एरिया से भेजा गया है।
  • याद रखें—Prefix आपके टेलीकॉम नेटवर्क और सेवा क्षेत्र की जानकारी देता है। इससे आपको अंदाजा लग जाता है कि संदेश सही क्षेत्र से आ रहा है या नहीं।

Middle:SMS किसके नाम से आया?

  • Prefix के बाद वाला हिस्सा RegisteredSender या Header होता है। उदाहरण में HDFCBKHDFC बैंक का रजिस्टर्ड हेडर है। यही हिस्सा उस पंजीकृत संस्था की पहचान बताता है जिसके नाम से संदेश भेजा गया है।
  • TRAI के नियमों के अनुसार बल्क SMS भेजने वाले हर संगठन को अपना Header रजिस्टर कराना जरूरी है। इसलिए Middle हिस्सा देखकर आप आसानी से जान सकते हैं कि संदेश बैंक का है, किसी कंपनी का या किसी और का।

Suffix:Message किस तरह का है?

  • SenderID के आखिर में आने वाला अक्षरSuffix कहलाता है। यह बताता है कि संदेश किस कैटेगरी का है
  • P = Promotional (विज्ञापन, ऑफर और मार्केटिंग मैसेज)
  • S = Service (सेवा और अकाउंट से जुड़े मैसेज)
  • T = Transactional(OTP और लेन-देन संबंधी मैसेज)
  • G = Government (सरकारी संदेश)

उदाहरण में ‘T’ का मतलब Transactional है, यानी यह OTP या लेन-देन वाला असली संदेश हो सकता है।

SenderID देखें, फिर Verifyकरें!

  • सिर्फ SenderID देखकर किसी SMS को पूरा भरोसेमंद न मानें। कुछ जरूरी सावधानियां हमेशा बरतें।
  • अनजान लिंक पर तुरंत क्लिक न करें। पहले चेक करें।
  • OTP, PIN या बैंक की कोई भी जानकारी देने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर पुष्टि करें।
  • संदेश किसने भेजा है, यह जानने के लिए TRAI के HeaderInformationPortal(https://smsheader.trai.gov.in/) पर चेक करें।

साइबर ठगी रोकने का सबसे आसान तरीका सतर्कता है। अगली बार जब भी SMS आए, पहले SenderID को तीन हिस्सों में बांटकर समझें। यह छोटी सी आदत आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। साइबर सुरक्षित रहें, स्मार्ट रहें।

Updated on:
30 Sept 2026 01:35 pm
Published on:
30 Sept 2026 01:32 pm