Rajasthan News: आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन के माध्यम से सस्ते दामों पर विला बेचने का झांसा दे रहे थे। पुलिस अब उनसे इंदौर के अलावा जयपुर में किन जगहों पर ठगी की है इसकी जानकारी जुटा रही है।
Crime Branch Indore Police Action: जयपुर में फाइव स्टार विला बेचने के नाम पर सोशल मीडिया के जरिये 22 लाखों रुपए की ठगी करने वाले दो ठगों को इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुंबई से गिरफ्तार किया है।
आरोपी पुलिस के डर से जयपुर से भागकर मुंबई और गुड़गांव चले गए थे। इंदौर पुलिस को उनके मुंबई में होने की जानकारी मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने ठगी के लिए दी दाऊ ओ मुन्तजाए नाम की कंपनी बनाई। इसके बाद आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन के माध्यम से सस्ते दामों पर विला बेचने का झांसा दे रहे थे। पुलिस अब उनसे इंदौर के अलावा जयपुर में किन जगहों पर ठगी की है इसकी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने आरोपियों से 11 मोबाइल, 4 लैपटॉप, 2 चैकबुक आदि जब्त किए हैं।
डीसीपी (क्राइम ब्रांच इंदौर) आर.के त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में पदमावती कॉलोनी इंदौर निवासी आकांक्षा से ठगी करने वाले कंपनी के मालिक धर्मेंद्र उर्फ धीरज वाधवानी (45) निवासी पत्रकार कॉलोनी जयपुर और प्रीति यादव (30) मूलत: दिल्ली फिलहाल वर्सोवा (मुंबई) निवासी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों से फाइव स्टार विला बेचने के नाम पर एडवांस रुपए लेकर ठगी करते थे। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही थी तो वह जयपुर से फरार होकर मुंबई, गुड़गांव में फरारी काट रहे थे।
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि आरोपी जयपुर रहकर सस्ते दामों में विला का सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे थे। इंदौर निवासी आकांक्षा ने पुलिस को बताया कि उसने सोशल मीडिया पर जयपुर स्थित ‘द दाऊ ओ मुन्तजाए प्रोजेक्ट’ में फाइव स्टार विला संबंधी विज्ञापन देखा। आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क किया और महंगे विला को कम कीमत में देने का झांसा दिया।
फर्जी अलॉटमेंट लेटर के सहारे पीड़िता से 22.17 लाख रुपए से अधिक ठग लिए। इसके बाद न तो विला दिया और न ही पैसे लौटाए। कंपनी की कर्मचारी प्रीति यादव मुय रूप से ग्राहकों को कॉल कर झांसा देती थी। आरोपी का एक पार्टनर संदीप जयपुर निवासी है, जबकि दूसरा पार्टनर सचदेवा यूके में रहता है।