
जयपुर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कराने वाले गिरोह के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की कार्रवाई लगातार जारी है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2022 के प्रश्न-पत्र लीक मामले में एसओजी ने गिरोह के मुख्य दलाल को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुरेश कसनिया (30) देशवाल, कुचेरा नागौर का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुरेश कसनिया अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को परीक्षा की निर्धारित तिथि और समय से पहले प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने तथा उसे पढ़ाने का झांसा देता था। इसके बदले अभ्यर्थियों से भारी रकम वसूली जाती थी। एसओजी के अनुसार आरोपी पूरे गिरोह में दलाल और समन्वयकर्ता की भूमिका निभा रहा था तथा अभ्यर्थियों और पेपर लीक सिंडिकेट के बीच कड़ी बना हुआ था।
एसओजी की जांच में इससे पहले इसी मामले में प्रदीप कसनिया और बृजेंद्र सांगवा उर्फ विज्जू को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब सुरेश कसनिया की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी पेपर लीक गिरोह की पूरी श्रृंखला, पैसे के लेन-देन और अन्य संलिप्त आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की कार्रवाई जारी है। करीब 8 वर्ष से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी दिलखुश मीणा (30) निवासी राजगढ़ (अलवर) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी गिरोह में दलाल और मध्यस्थ की मुख्य भूमिका निभाता था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि 15 जुलाई 2018 को आयोजित एसएससी संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल-2017 द्वितीय चरण की परीक्षा में गिरोह ने मूल परीक्षार्थियों की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर पेपर हल करवाए थे। इसके एवज में लाखों रुपए का अवैध लेन-देन हुआ था। आरोपी दिलखुश ने ही विशाल चौधरी के जरिये डमी परीक्षार्थी उपलब्ध कराने का संपर्क सूत्र बनाया था। इस नेटवर्क के जरिए फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। मामले में एसओजी अब तक प्रमोद कुमार यादव, चेतराम मीणा, विनय कुमार सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस गिरोह के अन्य नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।